बिलारी। स्थानीय थाने के सिपाही मोनू कुमार सांगवान द्वारा मंगलवार शाम अपने कमरे में सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की वजह घटना के दूसरे दिन भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस गोपनीय रूप से कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सिपाही मोनू कुमार ने बिलारी नगर के मोहल्ला साहूकुंज में सुबोध चौधरी के किराए के मकान में मंगलवार शाम अपने सीने में तमंचे से गोली मार ली थी। खून से लथपथ सिपाही को पुलिस तत्काल सीएचसी बिलारी ले गई थी। जहां चिकित्सक ने जांच के बाद सिपाही को मृत घोषित कर दिया था। सीएचसी के चिकित्सक की जांच के दौरान सिपाही की कमर से गोली भी निकली थी। पुलिस ने रात में ही आनन फानन में सिपाही का शव पोस्टमार्टम को भेज दिया था। आधी रात के बाद हरियाणा राज्य से सिपाही के परिजन भी मुरादाबाद में शव के पास पहुंच गए थे।
सिपाही द्वारा गोली मारकर आत्महत्या किए जाने की वजह को लेकर घटनास्थल के पास मंगलवार शाम ही लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे। बुधवार शाम तक बिलारी पुलिस सिपाही द्वारा आत्महत्या करने की स्पष्ट वजह का पता नहीं लगा पाई है। सिपाही मोनू मंगलवार सुबह से शाम तक अपने कमरे पर किस दिशा से कितनी बार आया और उसके कमरे पर उसके अलावा कौन आया यह पता लगाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मकानों और दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस द्वारा सिपाही मोनू के मोबाइल की सीडीआर इस उद्देश्य से निकलवाई जा रही है ताकि यह पता चल सके की मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक उसकी किससे और कितने समय तक बात हुई। सिपाही मोनू ने सोमवार रात थाना बिलारी के सहसपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में रात्रि गश्त ड्यूटी की थी। सिपाही के अन्य साथियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान उन्हें कोई ऐसा अहसास नहीं हो पाया कि वह किसी मानसिक दबाव में है।
थाना बिलारी प्रभारी उदय प्रताप सिंह कहना है कि अभी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट कहा जाना संभव नहीं है। बिलारी सर्किल के सीओ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि सिपाही के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले में जांच की जा रही है लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट वजह पता नहीं चल पाई है। उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह सिपाही मोनू के परिजनों द्वारा थाना बिलारी पहुंचकर तहरीर देने की संभावना है।