मुरादाबाद। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट के विरोध में शनिवार को आंबेडकर पार्क से कमिश्नर कार्यालय तक जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन साैंपा। विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि महाप्रसाद में हिंदुओं की बहुत श्रद्धा होती है। महाप्रसाद को बनाने वाले घी में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल की मिलावट से हिंदुओं में आक्रोश है।
विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिरों की संपत्ति का उपयोग उनके विकास व धार्मिक कार्यों में ही होना चाहिए। तिरुपति बालाजी मंदिर का संचालन आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित बोर्ड करता है। वहां केवल महाप्रसाद बनाने के मामले में ही हिंदू आस्थाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया गया, बल्कि सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं पर भी चढ़ावे का दुरुपयोग करने का आरोप है। कई अन्य राज्य सरकारें भी मंदिरों की संपत्ति व आय का निरंतर दुरुपयोग करती रहती हैं।
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार तो हिंदुओं का धर्मांतरण करने वाली संस्थाओं को मंदिर की पवित्र राशि से अनुदान दिया गया है। कई अन्य राज्य सरकारें भी मंदिरों की संपत्ति व आय का निरंतर दुरुपयोग करती रहती हैं। विहिप के प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर ने कहा कि हमारे देश में संविधान के सर्वोपरि होने की दुहाई बार-बार दी जाती है, लेकिन दुर्भाग्य से मंदिरों पर विभिन्न सरकारें अपना नियंत्रण स्थापित कर हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती हैं। अपने स्वार्थ के कारण मंदिरों का अधिग्रहण कर संविधान की धारा 12, 25 व 26 का उल्लंघन किया जा रहा है।
विहिप ने सवाल उठाया कि क्या स्वतंत्रता के 77 वर्ष बाद भी हिंदुओं को अपने मंदिरों का संचालन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। परिषद ने मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी हिंदू मंदिरों के लिए नया कानून बनाए। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में परिषद के प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर, राजकमल गुप्ता, ब्रजेश कुमार, नवदीप अग्रवाल, गौरव भटनागर, अमित गुप्ता, सचिन विश्नोई, अमरनाथ वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।