मुरादाबाद। डिलारी थाना क्षेत्र के करनपुर निवासी ठाकुरद्वारा बार के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता योगेंद्र यादव (33) की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। केस दर्ज करने वाला वादी मुलायम ही हत्या का साजिशकर्ता निकला।
पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर इस मामले को गैर इरादतन हत्या से हत्या में तरमीम कर मुलायम समेत दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
डिलारी के करनपुर निवासी योगेंद्र यादव ठाकुरद्वारा बार एसोसिएशन के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष थे। शुक्रवार रात अधिवक्ता योगेंद्र यादव पर हमला किया गया था। शनिवार सुबह मेरठ ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोट लगने से मौत हुई थी। चंदूपुरा निवासी मुलायम सिंह घटना के समय मौके पर मौजूद था।
पुलिस ने मुलायम की तहरीर पर गांव के ही कुलवंत सिंह, उसके भाई राजकुमार, राजकुमार के बेटे सचिन कुमार और पुष्पेंद्र उर्फ चुन्नी और पांच अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह मुकदमा गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार देर रात तक अधिवक्ता और परिजनों ने केस में वादी के नाम को शामिल करने की मांग की।
इसके बाद योगेंद्र यादव की पत्नी मुनेश देवी की ओर से पुलिस को नई तहरीर दी गई। दावा किया गया है कि केस दर्ज करने वाला मुलायम सिंह ही इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है। उसने ही साजिश के तहत अधिवक्ता को मौके पर बुलाकर हमला कराया। पुलिस ने केस में मुलायम सिंह को भी आरोपी बना लिया है।
इसके अलावा पहले मुकदमे में आरोपी बनाए गए राजकुमार का नाम हटा दिया गया। उसके स्थान पर मुलायम सिंह, उसके पिता चंद्रवंश और प्रभात का नाम बढ़ा दिया गया है। इस मामले में दो नामजद आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।