कुंदरकी। ब्लॉक की ग्राम पंचायत तेवरखास के मजरा मिलक काजी में श्मशान घाट के बदहाल रास्ते की तस्वीर सामने आई जोकि सिस्टम की अनदेखी को बयां कर रही हैं। डेढ़ हजार से अधिक की आबादी वाले मिलक काजी के ग्रामीणों को शवयात्रा में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 800 मीटर लंबा यह रास्ता बदहाली का शिकार है जिस पर हल्की बारिश होने पर कीचड़ पसर जाती है जिसके चलते श्मशान घाट तक अर्थी ले जाना जोखिम भरा हो रहा है। गौरतलब है कि कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम मिलक काजी निवासी सफाई कर्मी रमेश (50) का बीमारी के चलते दो दिन पहले निधन हो गया। जब सफाई कर्मी की अर्थी लेकर श्मशान घाट की ओर चले तो इस रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ भरी होने के कारण अर्थी को कंधा देने में भी लोगों को परेशानी हुई। गांव के कपिल, अंकुल, संजू आदि ग्रामीणों का कहना है कि बीते लगभग दस वर्षों से यह रास्ता इसी तरह बदहाल है लेकिन जिम्मेदार कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस बदहाल रास्ते से अर्थी ले जाते समय कई बार लोग फिसल चुके हैं जिससे अर्थी गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं मृतक सफाई कर्मी के पुत्र कपिल और विक्रम सिंह कहना है कि बरसात में श्मशान घाट के इस रास्ते पर जलभराव और कीचड़ से होकर गुजरना ही मुश्किल भरा हो जाता है लेकिन मांग के बावजूद भी इस पीड़ादायक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान घाट के रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की है।