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Moradabad News: इबादत का दौर जारी, रमजान का पहला जुमा आज

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मुरादाबाद। नेकी और रहमत के पाक महीने रमजान को लेकर शहर में रौनक दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। घर से लेकर मस्जिद तक में इबादत और तरावीह का दौर जारी है। मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। रमजान के पहले जुमे (शुक्रवार) की नमाज को लेकर भी इसी के साथ अकीदतमंदों ने तैयारी शुरू कर दी है।
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रमजान महीने का पांचवां रोजा वृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। रमजान का हर रोजा इंसान के सब्र, ईमान और नेक अमल को मजबूत करने का जरिया होता है। मुफ्ती दानिश ने बताया कि रोजा रोजेदार को मेहनत, तवक्कुल (भरोसा), सब्र, यकीन की सीख देता है। रमजान के पांच रोजों के मुकम्मल होने के साथ अकीदतमंद आने वाली ईद को खुशी के माहौल में मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। पांचवां रोजा की इफ्तारी और तरावीह की नमाज के बाद महिलाओं ने घरों में छठे रोजे की सहरी की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं मस्जिदों में रमजान के पहले जुमे की नमाज को लेकर तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। जामा मस्जिद में इस मौके पर काफी संख्या में लोगों के पहुंच कर नमाज पढ़ने की उम्मीद है। नायब शहर इमाम मुफ्ती फहद अली ने बताया कि इसे ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर की अन्य सभी मस्जिदों में भी कमोवेश यही स्थिति रहेगी। उन्होंने लोगों से समय से पहले मस्जिद पहुंचने को कहा है।
दरगाह इश्हाक मियां में आज मुकम्मल होगी तरावीह
रोजे के साथ शहर की मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पीलीकोठी स्थित दरगाह हजरत इश्हाक मियां पर तरावीह मुकम्मल होगी। दरगाह के सज्जादानशीन हाजी नदीम इश्हाकी ने बताया कि शुक्रवार तरावीह मुकम्मल होने पर रात दस बजे मुल्क, कौम की तरक्की के साथ आपसी भाईचारे की दुआ कराई जाएगी।
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चमका टोपी, कुर्ता का कारोबार, सेवई से सजा बाजार
लखनवी चिकन के सफेद कुर्तों की अधिक डिमांड
मुरादाबाद। रमजान के पांच दिन गुजर जाने के साथ ही शहर में ईद को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। बाजार में कुर्ता, पायजामा से लेकर टोपी का कारोबार बढ़ गया है। ईद पर सभी घरों में सेवई बनती है। लिहाजा सेवई से भी बाजार सज गया है।
मंडी चौक, गलशहीद, बुध बाजार, जामा मस्जिद क्षेत्र समेत शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की रेडीमेड दुकानों पर कुर्ता पायजामा की डिमांड बढ़ गई है। रोजेदार पहनावे के रूप में कुर्ता पायजामा अधिक पसंद करते हैं। मुस्लिम महिलाओं का मानना है कि ईद के नजदीक आने पर कुर्ता पायजामा के दाम बढ़ सकते हैं, लिहाजा अभी से खरीदारी शुरू कर दी है। मंडी चौक में कुर्ता पायजामा के थोक विक्रेता मो. फहीम ने बताया कि लखनऊ के चिकन वाले कुर्तों की अधिक डिमांड है। मीडियम रेंज 250 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के रेंज में सफेद कुर्ते सबसे अधिक बिकते हैं। उन्होंने कहा कि जितनी बिक्री पिछले छह माह में होती है उतनी अकेले ईद में हो जाती है। लिहाजा उन्हें इसका बेसब्री से इंतजार रहता है।
मंडी चौक में टोपी की थोक और फुटकर दुकानों पर भी टोपी खरीदने वालों की भीड़ बढ़ गई है। बाजार में 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की टोपियां बिक रहीं हैं। ईद में अभी करीब 25 दिन बाकी हैं, लेकिन इसके बाद भी शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लों से लेकर शहर के प्रमुख बाजार सेवइयों से सज गया है।
- अल्लाह ने रोजे को हर मुसलमान के लिए अनिवार्य किया है। अगर कोई बीमार है तो उसे इससे छूट दी गई है। इसे इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना गया है। रमजान का महीना बहुत पाक (पवित्र) है क्योकि इसी महीने कुरान नाजिल हुआ था। रोजा आत्मसंयम और इच्छाशक्ति को मजबूत करता है। गरीब और जरूरतमंदों को पीड़ा को महसूस करने का अवसर देता है। शरीर को शुद्ध करता है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। कुरान में रोजे को न केवल एक इबादत बल्कि एक आत्मिक और सामाजिक सुधार का साधन बताया गया है। यह ईमान को मजबूत करता है और इंसान को बुराई से बचाने में मदद करता है।
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- हाफिज मोहम्मद कासिम, असालतपुरा
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