The orders of the Chief Minister are being blown openly
- फोटो : TANDA
कानपुर व सीतापुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई मौतों के मामले को भले ही प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्यवाही के आदेश दिए हैं। लेकिन टांडा तहसील में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराने के बाद न सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, बल्कि उनसे सवारियां भी ढोई जा रही हैं। शायद परिवहन विभाग और पुलिस मूक दर्शक बने हादसे होने का इंतजार कर रहे हैं।
कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बीते सप्ताह 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों पर सख्ती करने व उनसे 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का आदेश जारी कर दिया था। कानपुर में हुई घटना पर मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद हरकत में आए यातायात विभाग की ओर से 10 दिन का विशेष अभियान चलाने व ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों से 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का फरमान जारी किया गया है। लेकिन आदेश कागजों पर ही चल रहा है। एक तरफ जहां लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां बैठाकर बहन के घर भात लेकर जाते दिखे। वहीं अन्य भारी वाहनों पर भी लोग सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते निकलते रहे। चंद पैसों के लालच में लोगों की जान जोखिम में डालने वाले लोगों पर पुलिस-प्रशासन की निगाह कब पड़ती है ये देखने का विषय है।
सवारी ढोने वाली आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लगाया जुर्माना
ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारी बैठाए जाने को लेकर अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान टीआई सतीश कुमार आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। टीआई ने बताया कि लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में सफर नहीं करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जो ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर सवारी ढोएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारी ढोने के वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश शासन स्तर से आया है। इस बारे में पुलिस को कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को इस आदेश के बारे में जानकारी नहीं है।
डॉ. अभिनीत कुमार, एसडीएम, टांडा