मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग का एनएचएआई ने दिसंबर में मरम्मत कराया था, लेकिन भारी वाहनों के चलने के कारण दो माह में मार्ग जर्जर हो गया। मार्च में रोड पर गड्ढे बनने लगे हैं। अप्रैल में मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। धूल और गड्ढों से दो पहिया वाहन सवार परेशान हैं। चारपहिया वाहनों की कमानी भी एक बार चलने के बाद सुरक्षित नहीं रह पाती है। एनएचएआई के पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि केंद्र सरकार ने फोर लेन के निर्माण के लिए धन आवंटित किया है। ऐसी स्थिति में पुराने मार्ग पर किस मद से पैसा खर्च किया जाएगा। फोर लेन बनाने के लिए 625 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था।
इस मार्ग पर बाईपास बनाने का काम ठेकेदार ने शुरू कर दिया है। काम धीमा होने के कारण एनएचएआई के अधिकारी नाराज हो गए हैं। मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा के बीच की दूरी 38 किमी है। इसमें 21 किलोमीटर लंबा बाईपास बनेगा। सिर्फ 17 किलोमीटर मार्ग को डबल लेन से फोरलेन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने बाईपास निर्माण के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। कुछ खेतों में एनएचएआई के ठेकेदार अभी मिट्टी बिछाने का काम करा रहे हैं। इस मार्ग का निर्माण करने के लिए एटा जिले की एक कंपनी को ठेका मिला है। पीडी अनुज कुमार जैन का कहना है कि ठेकेदार को काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने मार्ग के गड्ढे बने जानलेना
एनएनएआई ने पुराने मुरादाबाद -ठाकुरद्वारा मार्ग पर कुछ माह पहले पैचवर्क कर रोड को बेहतर बनाने का दावा किया था, लेकिन बडे़ वाहनों के चलते रोड जर्जर है। इस रोड पर कदम-कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। दोपहिया वाहनों से चलने पर धूल से लोग नहा लेते हैं। इस मामले में एनएचएआई के पीडी का कहना है कि रोड की मरम्मत के लिए दो करोड़ लगाए थे। अब फिर मरम्मत करने के लिए बजट नहीं है। फोर लेन रोड का पैसा पुराने रोड पर खर्च करना असंभव है। इस मार्ग पर कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं।
240 करोड़ मुआवजा बंटा, 143 करोड़ देना बाकी
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग के किसानों को आरटीजीएस के तहत करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में प्रतिदिन खाते में डाले जा रहे हैं। जमीन का सत्यापन करने के बाद 240 करोड़ से अधिक की धनराशि किसानों के खाते में भेजी गई है। एनएचएआई ने ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन मुआवजा देने के लिए 383 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को ट्रांसफर किया था।
पेड़ों की मार्किंग के साथ कटाई का काम होगा
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए 11500 बड़े और 33500 छोटे पेड़ आड़े आ रहे हैं। पेड़ों की कटाई करने के लिए वन विभाग मार्किंग का काम लगभग पूरा कर लिया है। अब पेड़ काटने की जिम्मेदारी नजीबाबाद स्थित वन निगम की है। पेड़ों की कटाई के लिए एनएचएआई ने करीब 400 करोड़ रुपये वन निगम को दिए हैं।
- मुरादाबाद- ठाकुरद्वारा मार्ग की मरम्मत कराने के लिए समीक्षा बैठक शीघ्र की जाएगी। सड़क की मरम्मत के लिए कोई रास्ता निकाला जाएगा।- आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त मुरादाबाद