- सालों से सोना तस्करी कर रहा गिरोह, टांडा थाने की पुलिस को भनक तक नहीं लगी
मुरादाबाद। तमाम उपकरण, लंबी चौड़ी टीमें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जांच पड़ताल करने का हक होने के बावजूद पुलिस और जांच एजेंसियों से ज्यादा मजबूत नेटवर्क तस्करों का अपहरण करने वाले बदमाशों का निकला। सालों से दुबई, सऊदी अरब से पेट में सोना छिपाकर लाने वाले इन तस्करों को न तो कभी एयरपोर्ट पर चेकिंग में पकड़ा गया और न ही कभी टांडा में पुलिस इन तक पहुंच सकी।
फाइनेंसर और एजेंटों के जरिए टांडा के सैकड़ों युवा इसी तरह दुबई और सऊदी अरब से पेट में सोना छिपाकर लाते हैं। पकड़े गए तस्करों ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि उन्हें फाइनेंसर एक साल में आठ से दस बार बार भेज चुके हैं। इससे पहले भी कई कई बार गए हैं। उन्होंने बताया कि फाइनेंसर ही उनके जाने, आने, रहने और खाने पीने की व्यवस्था करते हैं। इसके लिए उन्हें बीस हजार रुपये एक चक्कर के दिए जाते हैं। फाइनेंसर ही बताते हैं कि उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी है या फिर मुंबई से फ्लाइट में सवार होना है।
इस गिरोह के कुछ सदस्य दुबई और सऊदी में मौजूद रहते हैं। वह उन्हें तस्करों को सोने के कैप्सूल उपलब्ध कराते हैं। तस्कर एयरपोर्ट पर फ्लाइट में बैठने से पहले सोने के कैप्सूल पानी से गटक जाते हैं। सफर के दौरान खाना नहीं खाते हैं, केवल फल खाते हैं या जूस ही पीते हैं। घर पहुंचने पर कोल्ड डि्रंक और बिरयानी खाते हैं। टांडा के अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी है, लेकिन लोकल पुलिस और खुफिया तंत्र को भी इसकी कभी जानकारी नहीं हो सकी। इसके अलावा एयरपोर्ट पर तैनात एजेंसी भी इन्हें कभी नहीं पकड़ पाई।
पुलिस और जांच एजेंसी से मजबूत तो बदमाशों का नेटवर्क निकला। तस्करों ने पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए दुबई से मुंबई के बीच सफर किया।
वहां से ट्रेन से दिल्ली तक पहुंच गए। यहां उन्होंने न तो अपनी टैक्सी की और न ही रोडवेज बस में सवार हुए। इन्होंने सऊदी अरब से आ रहे मो. नावेद और जाहिद हुसैन से संपर्क किया। यह दोनों दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरे और इन्हें लेने के लिए टांडा निवासी कार चालक जुल्फेकार पहुंचा था। चारों तस्कर भी इसी वाहन में सवार हो गए थे। इन्होंने ऐसा करके पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा दे दिया, लेकिन बदमाशों को चकमा नहीं दे पाए। बदमाशों के पास इनकी पल-पल की जानकारी थी। इन्होंने मौका पाकर मुरादाबाद में अगवा कर लिया और फार्म हाउस ले गए।