मुरादाबाद। जिले के प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के तीन दिन बाद ही जिले में कोविड सेवाओं के निरीक्षण को पहुंचे स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अपने निरीक्षण में सब कुछ ठीक पाया। 35 मिनट कोविड कमांड सेंटर में बिताए और उसी में लगी एलईडी स्क्रीन से कोविड सेवाओं का हाल जानकार लौट गए। न मरीजों या उनके तीमारदारों से बात की और न ही स्वास्थ्यकर्मियों से कोई हाल पूछा। जाते-जाते दावा किया कि कोरोना की तीसरी लरह से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। जबकि इसके विपरीत हकीकत ये है कि जिल अस्पताल में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के 50 फीसदी से ज्यादा पद लंबे समय से खाली हैं जिन्हें अब तक भरा नहीं गया है।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग को दोपहर 1.40 बजे निरीक्षण के लिए पहुंचना था, लेकिन वह 25 मिनट पहले ही कलक्ट्रेट पहुंच गए। कोविड कंट्रोल सेंटर के प्रभारी और नगर मजिस्ट्रेट एमपी सिंह के साथ वे एक-एक कर हर पटल पर गए और उनके कार्यों को समझा। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि मरीज के पॉजिटिव आने पर उनके नाम और मोबाइल नंबर को पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इनमें तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें पहली श्रेणी खांसी जुकाम वालों की, दूसरी 65 वर्ष से अधिक उम्र के संक्रमितों की और तीसरी में सांस लेने में दिक्कत वालों को रखा गया है। उन्होंने मरीजों से कॉलिंग, कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, अस्पताल भेजने की व्यवस्था, एंबुलेंस, होम आइसोलेशन, सैनिटाइजेशन कराने, आरआरटी और निगरानी समितियों पर नजर रखने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
इसके बाद मंत्री ने आईसीसी से लिंक किए गए अस्पतालों कोे देखा। कार्यप्रणाली को समझने के बाद मंत्री ने कहा, आल इज वेल। कहा कि सरकार ने तीसरी लहर की पूरी तरह से तैयारी कर ली है, सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। इसके बाद राज्य मंत्री ने सर्किट हाउस में अधिकारियों से मुलाकात की और कोरोना से बचाव कार्यों की जानकारी ली। इस मौके पर नगर विधायक रितेश गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त प्रीति जायसवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमसी गर्ग, एसीएमओ डॉ. डीके प्रेमी आदि मौजूद रहे।
21 दिन में सीएम और दो मंत्रियों ने किया निरीक्षण, स्टाफ की कमी को सब भूले
मुरादाबाद। अप्रैल महीने में तेज हुई कोरोना की लहर और अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी से मची अफरा-तफरी के बाद प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ने निरीक्षण का दौर शुरू किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आठ मई को मुरादाबाद जिले से इसकी शुरूआत की। उन्होंने गांव पहुंचकर मरीजों का हाल जाना था। इसके 18 दिन बाद जिले के प्रभारी मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने कोविड कमांड सेंटर और निगरानी समितियों के जरिये कोविड से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। अब तीन दिन बाद ही स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के निरीक्षण से पूर्व तो सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई थीं। लेकिन अन्य दो मंत्रियों के निरीक्षण के दौरान प्रशासन उन्हें जिन जगहों पर ले जाना चाहता था वहां व्यवस्थाएं पहले ही दुरुस्त कर दी गई थीं। ऐसे निरीक्षण के औचित्य को समझ पाना आसान ही है।
50 फीसदी स्टाफ और संसाधनों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल
मुरादाबाद। एक ओर कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियां मुकम्मल होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या 50 फीसदी से कम है। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ की भी बेहद कमी है। सफाई कमिर्यों के एक तिहाई पद खाली हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में आईसीयू नहीं है। एमआरआई का भवन बना है, लेकिन मशीन और तकनीशियन नहीं है। सीटी स्कैन की मशीन है लेकिन उसको संचालित करने वाला स्टाफ नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कल्पना सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की बाबत हर महीने शासन से रिपोर्ट मांगी जाती है। इस महीने की शुरूआत में भी जिले में सर्जन, आर्थोपेडिक, नेत्र विशेषज्ञ, ईएनटी, फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट आदि चिकित्सकों की कमी की रिपोर्ट भेजी गई है। पैरामेडिकल स्टाफ भी कम है।
ये है जिला अस्पताल में पदों की स्थिति
विशेषज्ञ सृजित पद नियुक्ति रिक्त
सर्जन 03 02 01
फिजीशियन 03 01 02
आर्थोपेडिक 03 01 02
नेत्र चिकित्सक 03 01 02
ईएनटी सर्जन 03 02 01
बाल रोग 04 04 00
कार्डियोलॉजिस्ट 01 00 01
वार्ड ब्वाय 100 45 55
कुल 120 56 64