मुरादाबाद। कृषि उत्पादन मंडी समिति में शासन से आए 5.50 करोड़ रुपये से 38 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसे लेकर शनिवार को मंडलीय अधिकारियों ने आढ़तियों के साथ बैठक की लेकिन आढ़ती फिर चबूतरा न छोड़ने पर अड़े रहे। आढ़तियों ने सुझाव दिया कि दुकानों का निर्माण मंडी में अन्य खाली पड़े स्थान पर कराया जाए। अधिकारी भी इस पर विचार करने की बात कहकर चले गए लेकिन दुकानों के निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में 38 दुकानों के निर्माण के लिए दो चबूतरे चयनित किए गए हैं, जिन्हें तोड़कर दुकानों का निर्माण किया जाना है। लेकिन इन दोनों चबूतरों के नीचे करीब 130 आढ़ती सब्जी व फल की आढ़त चलाते हैं। आढ़तियों का कहना है कि चबूतरा तोड़ने से 130 लोगों की जगह छिनेगी, इसके सापेक्ष सिर्फ 38 लोगों को ही दुकानें मिलेंगी, शेष आढ़ती बेरोजगार हो जाएंगे। यही कारण है कि आढ़ती दोनों चबूतरों को तोड़ने का विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मंडी प्रशासन भी इन्हीं चबूतरों को तोड़कर दुकानें बनाने पर अड़ा है, अन्यथा शासन से प्रदत्त धन वापस करने की बात कह रहा है।
शनिवार को उपनिदेशक (निर्माण) प्रेम चौधरी व उप निदेशक (प्रशासन) शिव कुमार राघव मंडी पहुंचे और सचिव संजीव कुमार के साथ आढ़तियों के साथ बैठक की। आढ़तियों से चबूतरा खाली करने को कहा लेकिन आढ़ती फिर चबूतरा खाली करने को तैयार नहीं हुए। प्रस्ताव दिया कि दुकानों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन इसकी जगह बदल जी जाए। मंडी में बहुत जमीन खाली है, दुकानों का निर्माण वहां करा दिया जाए। उपनिदेशक (निर्माण) ने बताया कि उनकी आढ़तियों के साथ यह पहली बैठक थी, इस समस्या का कोई हल शीघ्र निकाला जाएगा। इस दौरान आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष खूबकरण सैनी सहित कई आढ़ती मौजूद रहे।
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