मुरादाबाद। गजरौला से ब्रजघाट की ओर हाईवे के दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में एमडीए अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इस मार्ग के आसपास के गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके तहत कई गांवों को नियोजित विकास के दायरे में लाने की योजना है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने का रास्ता साफ हो सकेगा।
एमडीए के पास वर्तमान में उपलब्ध जमीन की दरें काफी अधिक हैं। इस वजह से नई आवासीय योजनाओं में भूखंडों की कीमत भी ज्यादा होने की आशंका रहती है। प्राधिकरण अब हाईवे के आसपास नए क्षेत्र को अपने दायरे में शामिल कर जमीन की उपलब्धता बढ़ाना चाहता है। इसके बाद जरूरत और मांग के अनुसार नई टाउनशिप विकसित की जा सकेंगी। इससे लोगों को आवासीय भूखंडों के नए विकल्प मिलेंगे। प्रस्ताव के मुताबिक, हाईवे के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया जाता है तो करीब 314 हेक्टेयर का क्षेत्र नियोजन के दायरे में आ सकता है। इसमें गजरौला से ब्रजघाट के बीच आने वाले गांवों की जमीन शामिल होगी। प्राधिकरण का उद्देश्य हाईवे किनारे आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को नियोजित तरीके से विकसित करना है, ताकि आगे चलकर अनियंत्रित निर्माण और बेतरतीब कॉलोनियों की समस्या न बढ़े।
एमडीए वीसी अनुभव सिंह ने बताया कि प्रस्ताव को अभी शासन की मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी के बाद ही गांवों को एमडीए के विकास क्षेत्र में शामिल करने, जमीन चिह्नित करने और टाउनशिप की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद ही भूखंडों की संख्या, आकार, कीमत और सुविधाओं के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।