मुरादाबाद। शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज के नाम पर पिछले पांच साल में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन इसके बावजूद बारिश होते ही शहर के अधिकतर मोहल्ले पानी में डूब जाते हैं। नगर निगम हर साल नाले की सफाई पर करीब एक-एक करोड़ रुपये खर्च करता है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के रिहेबिलिटेशन पर 56.53 करोड़ रुपये भी खर्च किए गए हैं।
इन परियोजनाओं से जलभराव की समस्या दूर होने का दावा था लेकिन स्थिति जस की तस है। दिल्ली रोड और रामपुर रोड पर अभी भी जलभराव की स्थिति वैसी ही बनी हुई है। हालात इतने बदतर हैं कि मामूली बारिश में भी शहर में जलभराव हो जाता है और नाले ओवरफ्लो कर जाते हैं। कीचड़ से सनी सड़क पर शहरवासी चलने को मजबूर होते हैं। जलभराव की वजह से मोहल्लों में गंदगी भी फैलती है जिससे लोगों के लिए बीमारियों का खतरा बढ़ता है।