मुरादाबाद। नगर निगम बोर्ड की बैठक में हाउस टैक्स का मुद्दा इस बार भी हावी रहा। पार्षदों ने जीआईएस सर्वे की आपत्तियों और उसके निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसके जवाब में निर्णय लिया गया कि कैंप लगाकर इन आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था, किराया संशोधन, विकास कार्यों और पार्किंग के मुद्दे भी सदन में गूंजते रहे।
बैठक में निर्बाध पेयजल, पथ प्रकाश, सड़क-नाला निर्माण एवं मरम्मत, नाला सफाई, मल्टी स्टोरी पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 945 करोड़ रुपये का बजट ध्वनि मत से पारित किया गया। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन ट्रैक्स जमा करने पर 15 प्रतिशत व ऑफलाइन जमा करने पर 12 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पार्षद सुरेंद्र विश्ननोई ने टैक्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आपत्तियों का ठीक तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा है और इसमें देरी की जा रही है। निगम की ओर से 30 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गई हैं, लेकिन उसका प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। शहर के बड़े हिस्से को इसकी सूचना ही नहीं है। अन्य पार्षदों ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया था कि हर वार्ड में कैंप लगाकर आपत्तियां ली जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसके जवाब में महापौर ने कहा कि कैंप हर हाल में लगेंगे। जीआईएस सर्वे को लेकर दाखिल करने वाली आपत्तियों को 30 अप्रैल के बजाय अब 30 मई तक दाखिल किया जा सकेगा।
पार्षदों ने हाउस टैक्स पर छूट की मांग की, जिसपर निर्णय लिया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में समय पर टैक्स का भुगतान करने वाले लोगों को विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इस छूट के तहत ऑनलाइन माध्यम से टैक्स जमा करने वालों को 15 प्रतिशत और ऑफलाइन माध्यम से टैक्स जमा करने वालों को 12 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।