कांठ (मुरादाबाद)। किसान के गन्ने के खेत में छिपकर बैठा तेंदुआ ग्रामीणों को देखकर भाग लिया लेकिन लोगों ने पीछा कर तेंदुए को घेर लिया और वन विभाग को सूचना दे दी। जिस पर पहुंची वन टीम ने घेराबंदी कर रेस्क्यू कर तेंदुए को पकड़ लिया और पिंजरे में बंद कर अपने साथ ले गई।
बुधवार को कांठ के गांव मिलक खेमपुर के जंगल में नदी के पास स्थित गांव के ही विजेंद्र सिंह गन्ने के खेत में खेतों पर काम कर रहे किसानों और ग्रामीणों ने एक तेंदुए को देखा तो बिना शोर मचाए खेत को घेर लिया। हिम्मत जुटाकर ग्रामीण खेत के अंदर गए तो तेंदुआ मौके से भाग निकला, जिस पर ग्रामीणों ने उसका पीछा कर उसकी वीडियो बना लिया और तेंदुए को घेर लिया। इसके बाद तेंदुए एक पेड़ के झाड़ के नीचे छिप गया। मौके पर मौजूद विजेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, छिद्दू सलमानी आदि ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। कुछ देर में ही डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, मनोज वर्मा, वन दरोगा अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू किया और कड़ी मशक्कत कर घेराबंदी करते हुए तेंदुए को पकड़ लिया। उसे पिंजरे में बंद कर टीम अपने साथ डियर पार्क मुरादाबाद ले गई। यहां तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ और करीब एक वर्ष की आयु का है।
क्षेत्र में हर रोज दिखाई दे रहे तेंदुओं के कारण लोगों में दहशत व्याप्त है। दो मई से अब तक 14 में दिन में वन विभाग की टीम तीन तेंदुओं को पकड़ चुकी है। दो मई को ही कांठ-अमरोहा मार्ग स्थित ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल शाहूपुर के रिसेप्शन कक्ष में एक तेंदुआ घुस गया था, जिसे वन विभाग की टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर पकड़ा था और बाद में तेंदुए को अमानगढ़ के जंगल में छोड़ा दिया गया था। इसके बाद नौ मई को छजलैट के गांव नक्संदाबाद में किसान दलवीर पर हमला करने वाला तेंदुआ पकड़ा गया था, उसे वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई थी और बिजनौर में साहनपुर रेंज उत्तराखंड के जंगल छोड़ दिया था। मंगलवार को गांव कुम्हरिया जुबला के जंगल में एक खेत से तेंदुए के दो शावक मिले थे। अब बुधवार को कांठ के मिलक खेमपुर में तेंदुआ पकड़ा गया है। वहीं दूसरी ओर नक्संदाबाद और मुंडाला गांव में फिर तेंदुआ दिखाई देने पर वहां वन विभाग ने पिंजरा लगाया हुआ है।
क्षेत्र में दिखाई दे रहे तेंदुओं के हमलों में अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं। 17 मार्च को छजलैट बगिया सागार निवासी किसान मलखान सिंह पर खेत में काम करते हुए तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। नौ मई गांव नक्संदाबाद निवासी मजदूर दलवीर तेंदुए के हमले में घायल हो गया था, चार दिन बाद इलाज के लिए दौरान उसकी मौत हो गई थी। इससे पहले करीब चार माह पहले गांव राजीपुर खद्दर की महिला पर तेंदुए ने हमला किया था। एक सप्ताह पहले गांव मल्लीवाला निवासी पर तेंदुए ने हमला किया था। इससे पहले भी तेंदुए कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं।
डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि गांव मिलक खेमपुर के जंगल में रेस्क्यू कर तेंदुए को पकड़ा गया है। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। अभी उसे डियर पार्क में रखा गया है। नक्संदाबाद में भ तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा हुआ है। क्षेत्र के लोगों से अपील है कि यदि कहीं पर तेंदुआ दिखाई दे तो उसकी घेराबंदी न करें। ऐसे में तेंदुआ हिंसक होकर किसी पर हमला कर सकता है।