मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल में खर्च की गई शासकीय धनराशि के मामले में एक और नया मामला सामने आया है।
प्रशासकों के कार्यकाल में कुंदरकी के तत्कालीन एडीओ (पंचायत) ने जिस फर्म से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए खरीदी गई सामग्री का भुगतान किया था, उसी फर्म से एडीओ के लेखपाल पुत्र के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आरोप है कि एडीओ पंचायत को कमीशन के रूप में दी जाने वाली रकम उसके लेखपाल पुत्र के खाते में फर्म ने ट्रांसफर की है। डीएम के आदेश के बाद इस मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी ने आरोपी एडीओ (पंचायत) और उसके लेखपाल बेटे के खातों की डिटेल उपलब्ध कराने को नोटिस जारी किया है।
प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान जिले में नियम कायदे ताक पर रख ग्राम पंचायतों में विकास के लिए आई धनराशि को खर्च किया गया था। करीब पांच माह के कार्यकाल के दौरान विकास कार्यों पर करीब 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। शासन स्तर से जांच के बाद तत्कालीन डीपीआरओ, दो एडीओ पंचायत सहित नौ ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित किया जा चुका है।
अब एक नया मामला सामने आया है। ब्लॉक कुंदरकी में प्रशासक के रूप में तैनात रहे सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जिस फर्म से खरीदे गए सामानों व कार्यों के एवज में ग्राम पंचायतों से भुगतान कराया है, उसी फर्म के खातों से एडीओ (पंचायत) के लेखपाल बेटे के खाते में लाखों रुपये की धनराशि चेक के माध्यम से ट्रांसफर की गई है।
ब्लॉक डिलारी के सुल्तानपुर मुंडा निवासी गुलशेर ने निदेशक पंचायती राज, डीएम और एसडीएम सदर को पत्र लिखकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। डीएम ने इस मामले की जांच जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश चौहान को सौंपी है। इस शिकायत से पंचायती राज महकमे में हड़कंप है।
कुंदरकी के तत्कालीन एडीओ पर अपने लेखपाल बेटे के खातों में उन फर्मों से लाखों रुपये ट्रांसफर कराने की शिकायत मिली है जिन फर्मों को ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का भुगतान किया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर इसकी जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी एडीओ और उनके लेखपाल पुत्र को नोटिस जारी कर उनके खातों की डिटेल मांगी गई है। खातों की डिटेल मिलने के बाद आगे की जांच की जाएगी।
-नरेश चौहान, जिला युवा कल्याण अधिकारी
शिकायतकर्ता का आरोप लगत है। जांच अधिकारी द्वारा मेरे व मेरे खातों की डिटेल मांगे जाने संबंधी अभी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मुझे यह भी जानकारी मिली है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत बिना शपथपत्र की है। अगर वह शपथपत्र के साथ शिकायत करता तब उसका संज्ञान लेना चाहिए था।
द्विजेंद्र सिंह, आरोपी एडीओ