मुरादाबाद। शहर के एक निर्यातक का कर्मचारी ही उन्हें अगवा करने की साजिश रच रहा था। मैनाठेर थाने की पुलिस ने कर्मचारी इमरान और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कर्मचारी ने निर्यातक को अगवा करने के बाद उनके परिवार से तीन करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने का प्लान बना लिया था।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि सोमवार की रात में उमरी सब्जीपुर रोड पर बलेनो कार में सवार पांच लोगों को रोक लिया। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें पिस्टल, तमंचे, कारतूस, चाकू मिले। पुलिस टीम पांचों को पकड़कर थाने ले गई। पूछताछ करने पर पांचों ने अपने नाम मझोला के जयंतीपुर निवासी सारिक उर्फ लाला, कटघर के पंडित नगला निवासी इमरान, मझोला के काली के मंदिर के पास रहने वाले जाने आलम, मुगलपुरा के पीरगैब निवासी रिजवान उर्फ बड़ा और सिविल लाइंस के ताड़ीखाना निवासी इमरान बताए। पुलिस पूछताछ में पांचों ने बताया कि पंडित नगला निवासी इमरान कटघर के करूला निवासी याहया की लाकड़ी फाजलपुर स्थित डिजाइन वर्ल्ड फर्म में नौकरी करता है। उसने ही अपने चार अन्य साथियों को बताया कि उसकी फर्म के मालिक के पास बहुत पैसा है। उन्हें अगवा कर फिरौती वसूलते हैं। उसने अपने मालिक की रेकी शुरू कर दी थी। उन्होंने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा ली थी और वारदात को अंजाम देने के लिए नए मोबाइल और सिम खरीद लिए थे। इसके बाद उन्होंने फर्म से घर जाने वाले रास्ते पर घूमना शुरू कर दिया था। मंगलवार की सुबह जैसे ही याहया घर से फैक्टरी जाते तो उन्हें रास्ते से ही अगवा कर लिया जाता और उन्हें उत्तराखंड के जंगल में ले जाते। इसके बाद उन्हें परिवार से तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जाती। फिरौती की रकम वसूलने के बाद गिरोह ने कारोबारी की हत्या की साजिश भी रची थी। मंगलवार की शाम पुलिस ने पांचों बदमाशों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।