मुरादाबाद। बनियाठेर थानाक्षेत्र में दो साल पहले बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के मामले में अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया तो विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के उप निरीक्षक ने बारह दिन में ही डीएनए रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट भेजने में देरी करने पर अदालत ने उप निदेशक और अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जनपद में भेजी है। विवेचक ने रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है।
संभल जनपद के थाना बनियाठेर में लगभग तीन साल पहले दो वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोपी अभी मुरादाबाद जेल में निरुद्ध है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 सुभाष सिंह की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम ने बताया कि केस के विवेचक ने 20 नवंबर 2017 को खून से सने कपड़े से लिए गए नमूने को डीएनए जांच के लिए लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया था। जब तीन साल तक लखनऊ से रिपोर्ट नहीं आई तो अदालत ने प्रयोगशाला के उप निदेशक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी पत्र प्रेषित किया था। जिसके महज 12 दिन में ही उप निदेशक ने डीएनए रिपोर्ट तैयार कर संभल के एसपी को भेज दी। विवेचक की ओर से कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी गई है। जिसमें खून से सने कपड़े की जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के संकेत भी मिले हैं।