अमर उजाला ब्यूरोमुरादाबाद। कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक रजिस्ट्री (अपार आईडी) बनाने की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। डीआईओएस का कहना है कि निजी स्कूलों और मदरसों की लापरवाही की वजह से अपार आईडी बनाने के लक्ष्य में पिछड़ रहे हैं। अभी तक जनपद में 45.92 फीसदी विद्यार्थियों का पंजीकरण लंबित है।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के साथ ही अन्य गतिविधियों आदि के ब्योरा को एक स्थान पर संग्रहीत किए जाने के उद्देश्य से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से अपार आईडी बनवाए जाने की व्यवस्था दी गई है। डीआईओएस ने बुधवार को अपार आईडी बनाए जाने की समीक्षा की। समीक्षा में पाया कि मदरसा, निजी स्कूल, अशासकीय और बेसिक के विद्यालयों आदि में अपार आईडी बनाए जाने की स्थिति पिछड़ी हुई है। जिससे जिले की भी स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि अपार आईडी की कम स्थिति पर उच्च अधिकारियों ने भी नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने बताया कि जनपद में 3979 विद्यालयों और मदरसों के 701335 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से अभी तक सिर्फ 372080 विद्यार्थियों की अपार आईडी ही बन सकी है। जिले के 322034 विद्यार्थियों का पंजीकरण ही नहीं हो सका है। इसमें सबसे अधिक 56.12 फीसदी विद्यार्थी मदरसा, 55.62 फीसदी विद्यार्थी अशासकीय, 47.69 फीसदी विद्यार्थी माध्यमिक, 44.71 फीसदी विद्यार्थी बेसिक, 25.56 फीसदी विद्यार्थी ऐडिड, 15.57 फीसदी विद्यार्थी राजकीय और 9.68 फीसदी विद्यार्थी परिषदीय विद्यालयों के लंबित हैं, जिन्होंने पंजीकरण ही नहीं किया है। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को सात दिन में कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी है।
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बुधवार को जिले के सभी 65 निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को हर हाल में सात दिन में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को मदरसा संचालकों के साथ बैठक की जाएगी ताकि शत-प्रतिशत आईडी बनाने का काम किया जाए।
देवेंद्र कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक