ठाकुरद्वारा। जबरन तलाक लेने के प्रयास और छेड़खानी के अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए हैं। दोनों मामलों में आदेश सात और आठ जुलाई को जारी किए गए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
शरीफ नगर निवासी एक महिला ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसके पुत्र की शादी 20 अप्रैल 2025 को उत्तराखंड के थाना जसपुर के एक गांव निवासी युवती के साथ हुई। कुछ दिनों तक उसके पुत्र की पत्नी ठीक से रही लेकिन फिर उसका व्यवहार गलत हो गया। आरोप है कि 22 फरवरी 2026 को वह दवा लेने गई थी तभी उसकी पुत्रवधू, नकदी , ज़ेवर कपड़े लेकर मायके वालों के साथ उसे धक्का देकर कार में चली गई। महिला का आरोप है की 26 फरवरी 2026 को उसके पुत्र को उनकी पत्नी ने अपने घर बुलाया। आरोप है कि उसने वहां पर अपने पति से तलाक लेने की कोशिश की। उसे कमरे में बंद कर दिया। किसी तरह उसके पुत्र ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो मामला न्यायालय में पहुंचा।
दूसरे मामले में गांव के एक युवक पर रास्ते में मारपीट और छेड़खानी करने का आरोप गांव की महिला ने लगाया है। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने दोनों मामलों में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि शीघ्र न्यायालय के आदेश पर दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। संवाद