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लोकोशेड पुल पर सड़क निर्माण में कंपनी का बंद प्लांट बन रहा बाधा

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मुरादाबाद। शहर में लोकोशेड पुल बनाने में पांच साल लगा दिए। अब पुल तो पूरा बनकर तैयार है लेकिन इस पर अभी डामर का काम बाकी है। बहाना यह है कि यहां काम कर रही कंपनी का प्लांट बंद पड़ा है। यह हद तो तब है जबकि केवल दो दिन काम रह गया है। इसे होते ही यहां यातायात शुरू हो सकेगा। बावजूद इसके अधिकारी इस पर गंभीर नहीं है जबकि शहर की जनता को इस पुल की बेहद दरकार है।
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देर से ही सही पर लोकोशेड पुल का काम पूरा हो गया। निर्माण कर रही कंपनी एमए कंस्ट्रक्शन का बंद प्लांट इसमें बाधा बन रहा है। सेतु निगम के इंजीनियरों का कहना है कि प्लांट शुरू होते ही सड़क निर्माण में केवल दो दिन लगेंगे। इसके बाद पुल को आवागमन के लिए शुरू किया जा सकता है। चूंकि जिला प्रशासन के द्वारा भी लगातार लोको पुल की स्थिति का संज्ञान लिया जा रहा है। जिसके चलते अक्तूबर माह में पुल पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि पुल के उद्घाटन के लिए अभी तक कोई तिथि निर्धारित नहीं है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में लोकोशेड पुल का काम बेहद धीमी गति से होता आया है। जिसका नतीजा है कि निर्माण पूरा होने में 5 वर्ष लग गए। 2015 में बीस करोड़ की लागत से पुल निर्माण को स्वीकृति मिली थी। जबकि इसका कार्य 2017 में शुरू किया गया। प्रोजेक्ट की अवधि दो वर्ष की थी लेकिन निर्माण ही दो वर्ष देरी से शुरु हुआ। जिसके बाद इसे पूरा होने में तीन वर्ष लगे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पुल पर मौजूदा खर्च 30 करोड़ रुपये है। पुल का निर्माण करने वाली कंपनी ने पहले 27 जून तक काम पूरा होने का दावा किया था। इसके बाद 15 अगस्त को पुल की शुरुआत का दावा भी धड़ाम हो गया था। लोकोशेड पुल की कुल लंबाई 650 मीटर है। जिसमें रेलवे का 112 मीटर हिस्सा है। रेलवे ने इसे पूरा करने में तीन साल लगा दिए। अब आखिरकार यह पुल जल्द ही शुरू हो जाएगा।
वर्जन
लोकोशेड पुल का सारा काम पूरा हो चुका है लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी का प्लांट बंद होने के चलते सड़क निर्माण में बाधा आ रही है। प्लांट शुरू होने के बाद दो दिन में सड़क तैयार हो जाएगी। इसके बाद सरकार को पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा। जिससे पुल को लोगों के लिए शुरू किया जा सके। - टीपी गुप्ता, असिस्टेंट इंजीनियर सेतु निगम
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