मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति के अरबों के भूमि घोटाले के मामले में जमीन और फ्लैट बिक्री पर एआईजी स्टाम्प ने रोक लगा दी है। इस मामले में उन्होंने रोक के लिए रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। अभी इस मामले में एफआईआर होना बाकी है। मायानगर सहकारी आवास समिति के घोटाले की गूंज शासन स्तर तक पहुंच गई है। एआईजी निबंधन (स्टाम्प एवं पंजीयन) को लिखे गए पत्र में अपर आवास आयुक्त ने बताया है कि मायानगर सहकारी आवास समिति के भूखंडों और फ्लैट सहित अन्य संपत्तियों की फर्जी अभिलेखों के आधार पर खरीद-बिक्री की गई है। भूमि के वास्तविक स्वरूप को बदलकर अवैध ढंग से फैक्टरियां संचालित करा दी गईं।
उन्होंने समिति के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने को कहा है। एआईजी स्टाम्प अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आदेश मिलने के बाद सभी सहायक रजिस्ट्री अधिकारियों को नियमानुसार समिति की संपत्ति की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आदेश से समिति का आर्थिक स्रोत बंद हो जाएगा।
वहीं अपर आवास आयुक्त/अपर निबंधक ने मंडलीय सहकारी अधिकारी (आवास) को धारा 66 के तहत एक सप्ताह में समिति की निरीक्षण आख्या प्रस्तुत करने की हिदायत दी है। समिति के दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही समिति के सचिव को हटाने के संबंध में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।