कांठ। प्रशासन की ओर से गठित श्री रामलीला मंचन अस्थायी समिति की देखरेख में नगर में चल रहे श्री रामलीला के 117वें 18 दिवसीय मंचन के दूसरे दिन मंगलवार को नगर स्थित श्री रामलीला मैदान में बने रंगमंच पर कलाकारों ने श्री राम जन्म, विद्या अध्ययन, खेल-आखेट का मंचन किया।
यहां श्री भोले बाबा आदर्श रामलीला-रासलीला नाटक कला मंडल चंदौसी के कलाकारों ने रंगमंच पर दिखाया कि राजा दशरथ की तीन रानियां होने के बाद भी कोई संतान नहीं थी, इसे लेकर हर अयोध्यावासी चिंतित था। सभी जतन करने के बाद अंत में गुरु वशिष्ठ के द्वारा पुत्रेष्टी यज्ञ किया। जिसके बाद राज महल में एक नहीं चार-चार राजकुमारों की किलकारी गूंज उठी। जिनमें नाम श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखे गए। चारों पुत्रों के कुछ बड़ा होने पर राजा दशरथ ने उन्हें शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेज दिया।
वहीं कलाकारों ने रावण जन्म, सीता जन्म और खेल-आखेट आदि का मंचन भी किया। व्यवस्था में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष धीरज कुमार बिश्नोई, निर्देशक सुधीर कुमार बिश्नोई, कोषाध्यक्ष नवनीत पहलवान, प्रदीप बिश्नोई, सनी बिश्नोई, इंद्रजीत सिंह बिश्नोई, सुशील नंबरदार, पिंटू बिश्नोई, डॉ. जितेंद्र सिंह आदि रहे।