मुरादाबाद। जामा मस्जिद चौराहे के पास जर्जर भवन शनिवार की दोपहर तीन बजे चार सेकंड में धराशायी हो गया। जिसका मलबा सामने की दुकानों और मकानों तक पहुंच गया। जिस वक्त भवन गिर रहा था, उस वक्त आस-पड़ोस में भी काफी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन कुछ लोगों के शोर मचाने पर वह रुक गए। मलबे की चपेट में आने से लोग और वाहन बच गए।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद चौराहे के पास 130 गज जमीन पर 1982 में सुर्खी चूने से तीन मंजिल भवन तैयार कराया गया था। मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर आठ कमरे थे। जबकि भूतल पर सात दुकानें थीं। इनमें से पांच दुकानों को साजिद, मोहसिन, आजम अली, अनिल चलाते हैं। मकान काफी जर्जर स्थिति में था लेकिन नगर निगम ने इससे जर्जर घोषित नहीं किया था। पिछले पांच दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मकान में दरारें पड़ गई थीं। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने मकान खाली करा दिया था। इसके अलावा दुकानों को नोटिस देकर दुकानें भी खाली करा दी गईं थीं। शनिवार की दोपहर फिर से बारिश शुरू हुई तो मकान मात्र चार सेकंड में धराशायी हो गया। मकान का मलबा सामने की दुकानों और मकानों से पहुंच गया। जिसकी चपेट में आने से कई लोग बच गए।
रास्ता बंद, देर रात तक हो रहा मलबा हटाने का काम
मुरादाबाद। मकान के सामने वाली सड़क पर आवागमन बंद है। केवल नगर निगम के वाहनों से मलबे को हटवाया जा रहा है। मकान का जो हिस्सा गिरने से रह गया था। उससे भी गिरा दिया गया है।