मुरादाबाद। डबल फाटक पुल पर जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद सुबह और शाम के समय मिनी बसें, स्कूल बसें, मैजिक और मालवाहक वाहन खुलेआम गुजर रहे हैं। पुल की चौड़ाई पहले से ही कम है ऐसे में बड़े वाहनों की वजह से ट्रैफिक का पूरा प्रवाह रुक जाता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। स्थिति यह है कि करुला, ट्रांसपोर्ट नगर, आजादनगर, दस सराय और आसपास के इलाकों से आने वाले हजारों लोगों को रोजाना इस जाम से जूझना पड़ता है।करीब 600 मीटर लंबे इस पुल की मदद से लोग पुराने शहर, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, जिला अस्पताल, कचहरी और मुख्य बाजारों तक पहुंचते हैं। जाम की वजह से मिनटों का रास्ता कई बार घंटे में तब्दील हो जाता है। पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है लेकिन इसका जमीन पर कोई असर नहीं दिखता है। स्कूल बसें और प्राइवेट मिनी बसें हर रोज इसी पुल से धड़ल्ले से गुजर रही हैं। अक्सर यही वाहन धीमे पड़ते हैं और पीछे से आने वाली सैकड़ों गाड़ियों को रोक देते हैं।
दस सराय के गोविंद, विमलेश और हरकिशोर का कहना है कि भारी वाहनों की वजह से पुल पर ट्रैफिक थम जाता है। यह भारी वाहन ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में गुजरते हैं और कोई भी इनपर नकेल नहीं कसता है। रात के समय तो कई बार बड़ी बस भी इसी पुल के रास्ते शहर में दाखिल हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने व्यस्त पुल पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी पर्याप्त संख्या में नहीं है। करुला की ओर सिर्फ दो सिपाही और संभल चौराहे पर तीन सिपाही पूरे ट्रैफिक को संभाल रहे हैं। वाहनों की संख्या हजारों में है और व्यवस्था संभालने वाले महज पांच सिपाही हैं तो अव्यवस्था तो होगी ही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या बड़ी नहीं है बस थोड़ी सख्ती और यातायात पुलिस की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। पुल पर भारी वाहनों पर सख्ती से रोक लागू हो। पीक समय में ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगे। अवैध ई-रिक्शा और ऑटो स्टैंड को हटाया जाए तो व्यवस्था काफी हद तक सुधर जाएगी।
00
क्या बोले पीड़ित
- स्कूल और दफ्तरों की छुट्टी के समय पुल पर ट्रैफिक सिपाहियों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि वह यातायात व्यवस्था बेहतर बन सकें। जरूरत है कि पुल पर अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्ती बरती जाए। - नौशाद अली, कांठ की पुलिया
00
- बच्चे रोज देर से स्कूल से घर पहुंचते हैं। वापस आते समय पुल पर जाम से गुजरना ही पड़ता है। यह रोज का संघर्ष बन चुका है। प्रशासन को इस समस्या की ओर प्रमुखता से ध्यान देने की जरूरत है। - रशीद अंसारी
00
- पंडित नगला बाईपास मार्ग के बंद होने के बाद डबल फाटक पुल पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव आ गया है। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए स्पष्ट तैयारी की जानी चाहिए थी। - डॉ. सद्दाम हुसैन, संभल रोड