मुरादाबाद। जिला कारागार में सट्टे का कारोबार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस कारोबार को बैरक में बंद कोई अपराधी नहीं, बल्कि खुद तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह करा रहे थे। डीआईजी जेल की जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। जांच पूरी करने बाद डीआईजी जेल ने अपनी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं) को सौंप दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मुरादाबाद जिला कारागार के तत्कालीन जेलर रीवन सिंह ने मुरादाबाद की जिला जेल में भ्रष्टाचार और सट्टा कराए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने 27 अप्रैल से 17 अक्तूबर 2020 के बीच सात बार शिकायती की थी। इस मामले में आगरा-मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी अखिलेश कुमार को जांच सौंपी गई थी। डीआईजी जेल ने तीन मार्च 2021 को मुरादाबाद जेल पहुंचकर इस मामले की जांच की थी। उन्होंने यहां वर्तमान जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा, जेलर, बंदी और हेड जेल वार्डर के बयान दर्ज किए थे। जांच पूरी करने के बाद डीआईजी ने जांच रिपोर्ट निदेशक एवं महानिरीक्षक (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं) को सौंप दी है। इसमें उन्होंने तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की है। इसके अलावा हेड जेल वार्डर सत्येंद्र सिंह और हृदय नारायण की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। दोनों के दूसरे कारागार में तबादला किए जाने की संस्तुति की गई है। बंदी राम खिलाड़ी और मुकेश को जेल नियमों का उल्लंघन और कारागार में अवैध धन संचरण में सक्रिय भूमिका पाई गई है। इसके अलावा जेलर राजेश कुमार मौर्य और अवंतिका श्रीवास्तव से भी जवाब तलब किया गया है।
कोविड 19 में लापरवाही बरतने में हुई थी जेल रीवन सिंह पर कार्रवाई
मुरादाबाद। पिछले साल पंद्रह अप्रैल को नागफनी के नवाबपुरा में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर पथराव किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वालों को क्वारंटीन करने गई थी। इस मामले में पुलिस ने 17 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे थे, जिसमें से पांच बंदी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद डीआईजी जेल बीपी सिंह जेल पहुंचे थे। इसी दौरान जेलर और जेल अधीक्षक के बीच गुटबाजी की बातें सामने आई थीं। इसके अलावा कोरोना संक्रमण में बंदियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में जेलर रीवन सिंह को निलंबित किया गया था।
सुत्लानपुर जेल में किया गया था उमेश सिंह का तबादला
मुरादाबाद। मुरादाबाद के तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह 18 फरवरी 2021 को शासन से ट्रांसफर कर सुल्तानपुर जेल का जेल अधीक्षक बनाया है। उमेश सिंह के स्थान पर वीरेश राज शर्मा को मुरादाबाद भेजा गया था।
जेलर रीजन सिंह कोरोना 19 में लापरवाही में निलंबित किया गया था। उन्होंने ने इस मामले की शिकायत की थी। डीआईजी ने इस मामले की जांच की थी। जांच में क्या रहा है। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक
बंदियों से सट्टे का पैसा इकट्ठा खाकर भेजा जाता था बाहर
डीआईजी की जांच में सामने आया है कि जेल हेड वार्डर बैरकों में सजायाफ्ता बंदी राम खिलाड़ी और मुकेश से पैसा और सट्टे की पर्चियां इकट्ठा कराते थे। इसके बाद ये पैसा बाहर जाकर सट्टे पर लगाया जाता था।
मुरादाबाद जिला कारागार से मेरा सुल्तानपुर ट्रांसफर हो गया है। मुझे इस बारे में कोई बात नहीं करनी है।
उमेश सिंह, तत्कालीन जेल अधीक्षक, मुरादाबाद जिला कारागार
जेलर रीवन सिंह ने की थी सात बार शिकायत
निलंबित जेलर रीवन सिंह ने मुरादाबाद जेल में भ्रष्टाचार और सट्टे की शिकायत एक दो, नहीं सात बार की थी। 27, 30 अप्रैल,04, 17 जून और 08 अगस्त, 09 अक्तूबर और 17 अक्तूबर को शिकायती पत्र भेजे थे।