ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़ित छात्रा ने 26 फरवरी 2019 ठाकुरद्वारा थाने में आरोपी अरविंद के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी, आईटी एक्ट, एससी एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। जिसमें पीड़िता ने बताया कि वह बीए की छात्रा है और ठाकुरद्वारा में पढ़ाई करती है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव फौलादपुर निवासी अरविंद कुमार ऑटो चलाता है। आते जाते समय उससे बातचीत हो जाती थी। वह अक्सर अपने ऑटो में बैठाकर ठाकुरद्वारा ले जाता था। इस बीच अरविंद ने पीड़िता से शादी का प्रस्ताव रखा और अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
छात्रा को बाद में पता चला कि अरविंद शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। इसके बाद पीड़िता ने अरविंद से मिलना बंद कर दिया। 14 जनवरी 2018 को अरविंद ने पीड़िता को बात करने के बहाने स्कूल के पास बुला लिया और पास ही एक खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपी ने मोबाइल से उसके फोटो भी खींच लिए थे। आरोपी ने फोटो वायरल करने की धमकी उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने धमकी दी कि वह उसकी किसी दूसरे युवक से से शादी भी नहीं होने देगा। पीड़िता ने ठाकुरद्वारा थाने में शिकायत की लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन फरवरी 2019 को पीड़िता अपने मामा के घर जसपुर जा रही थी।
इस दौरान अरविंद ने उसे रास्ते में घेर लिया और दुष्कर्म की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए और उन्होंने उसे बचाया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी ऑटो चालक अरविंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसका मुकदमा विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट संदीप गुप्ता की अदालत में सुना गया। विशेष लोक अभियोजक आनंद पाल सिंह ने बताया कि इस मामले में पीड़िता समेत अन्य गवाहों ने अदालत में पेश होकर घटना की पुष्टि की। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अरविंद कुमार को दुष्कर्म, आईटी एक्ट, एससी एसटी एक्ट में दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख 74 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
14 पेज में आया आजीवन कारावास का फैसला
दुष्कर्मी ने पीड़िता को न केवल परेशान किया, बल्कि उसकी पढ़ाई भी प्रभावित की। पीड़ित छात्रा ने दुष्कर्मी के खिलाफ पुलिस के आलाधिकारियों को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा अदालत में पांच साल तक चला। अदालत ने अपने चौदह पेज के फैसले में आरोपी ऑटो चालक को न केवल दुष्कर्म के आरोप में बल्कि जाती सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, छात्रा से छेड़खानी करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भी दोषी करार दिया है।
खुद को अनुसूचित जाति का बताकर छात्रा से की थी दोस्त
पीड़ित छात्रा ने ठाकुरद्वारा में दर्ज कराए केस में बताया कि वह अनुसूचित जाति से है। आरोपी अरविंद ने खुद ने भी छात्रा को अनुसूचित जाति का और अविवाहित बताकर छात्रा से दोस्त की और उसे शादी करने का झांसा दिया दिया लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और किसी दूसरी बिरादरी से है। जिस कारण पीड़ित ने आरोपी ने दूरी बना ली थी।