सरकार ने छोटे व्यापारी और आम जनता के लिए ‘मेरा मोबाइल मेरा बटुआ’ नाम से योजना शुरू तो कर दी। लेकिन इस योजना पर भी साइबर लुटेरों ने नजर गड़ा दी है। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने की घोषणा होने के बाद आनलाइन और कैशलेस पेमेंट में बढ़ोतरी के साथ ही साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ गई है।
अब लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनकी जमा पूंजी कैसे सुरक्षित रहे। नोटबंदी के बाद से साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायतें थाने पहुंच रही है। लेकिन पुलिस इक्का दुक्का ही मामले दर्ज कर रही है। जबकि बाकी पीड़ित थाने से लौटाएं जा रहे हैं। जिन केसों दर्ज किया जा रहा है।
उनका भी खुलासा नहीं हो पा रहे हैं। साइबर ठग कभी आधार लिंक के बहाने तो कभी एटीएम एक्पायर के बहाने लोगों को फोनकर डेबिट कार्ड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां ले रहे हैं और उनके खातों से पैसे उड़ा ले रहे हैं। पिछले एक माह से तो रोजाना लगभग एक शिकायत साइबर क्राइम की सामने आ रही है।
साइबर लुटेरों ने चाय विक्रेता को कॉल कर उसके एटीएम कार्ड की जानकारी पूछकर उसके एकाउंट से 59 हजार रुपये की आन लाइन शॉपिंग कर ली। पीड़ित ने सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के सराय खालसा निवासी हुकुम सिंह की अमरोहा गेट के पास चाय की दुकान है। जबकि पीएनबी की अमरोहा स्थित शाखा में एकाउंट है। तीन जनवरी को उसके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। इसके उसके उसके एटीएम कार्ड की डिटेल पूछ ली।
इसके बाद साइबर लुटेरों ने 59 हजार रुपये की ऑन लाइन शॉपिंग कर ली। पीड़ित के मोबाइल पर मैसेज आया तो ठगी की जानकारी हो पाई। इसके बाद हुकुम सिंह ने सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज करा दिया है।