मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त किए जाने के बाद शिक्षकों ने खुशी व्यक्त की है। इसके साथ ही शिक्षकों ने कहा कि सरकार द्वारा गठित समिति को शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन करना होगा और उनके निस्तारण के लिए कदम उठाने होंगे। इससे पहले मंगलवार सुबह मूंढापांडे और पाकबड़ा ब्लॉक के शिक्षकों ने सामूहिक रूप से संकुल शिक्षक पद से इस्तीफा दिया था।
बीते आठ जुलाई से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए थे। तब से ही शिक्षक लगातार इसका विरोध कर रहे थे। इसी के तहत पहले जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद ऑनलाइन हस्ताक्षर चलाया गया। रविवार को बॉयकाट डिजिटल अटेंडेंस अभियान भी चलाया, जो टॉप ट्रेंड में रहा। सोमवार को शिक्षकों ने बीएसए को ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त करवाने के लिए ज्ञापन दिया था। मंगलवार को आदेश निरस्त होने के बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल शर्मा ने कहा कि यह शिक्षकों के संघर्ष और एकता की जीत है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शिक्षकों की समस्याओं और दिक्कतों को समझते हुए ऑनलाइन उपस्थिति के अव्यवहारिक आदेश को स्थगित कराने में जो सक्रियता दिखाई गई है, उसके लिए पूरा शिक्षक समुदाय उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।
जिला संगठन मंत्री उप्र महिला शिक्षक संघ डॉ. ऋतु त्यागी ने कहा कि हम पहले ही अवगत करा चुके हैं कि निपुण भारत मिशन लक्ष्य प्राप्ति के लिए व सभी शैक्षिक कर्तव्यों के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश के स्थगित करने के फैसले का हम स्वागत करते हैं। वहीं मंगलवार सुबह संकुल पद से इस्तीफा देने वालों में मूंढापांडे से सतेंद्र कुमार सिंह, सुमित कुमार, विनोद कुमार, चंद्रशेखर सहित 35 शिक्षक और पाकबड़ा ब्लॉक से डॉ अमित कुमार सक्सेना, गंगाशरन, भुवनेश कुमारी, प्रेमलता, प्रीति सिंह, ज्योति, कुलदीप कुमार, आदि शामिल रहे।