मुरादाबाद। ग्रीष्मावकाश में जनगणना ड्यूटी कर रहे अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश देने के निर्देश माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षा निदेशक द्वारा जारी किए गए हैं। हालांकि अभी यह निर्देश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए जारी नहीं हुए हैं। बेसिक के शिक्षकों का कहना है कि इसके संबंध में शासन को ज्ञापन भेजकर मांग की जाएगी।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शासन से मांग की थी कि मई ओर जून में होने वाले जनगणना कार्य में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ग्रीष्मावकाश में ड्यूटी लगाई गई है। इसी बीच 21 मई से 30 जून तक लगभग सभी रविवार व अन्य दिनों में आयोजित की जा रहीं सार्वजनिक परीक्षाओं व उसकी ब्रीफिंग में ड्यूटी के लिए भी शिक्षकों को रोका जा रहा है। परीक्षाओं में ड्यूटी की वजह से शिक्षकों के स्टेशन छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
ऐसे में अर्जित अवकाश देने की व्यवस्था की जाए। प्रांतीय उपाध्यक्ष विमलेंद्र शर्मा ने बताया कि हमारी मांग के अनुरूप में छुट्टियों के लिए पांच/आठ का नियम आया है। इसके हिसाब से यदि किसी व्यक्ति ने 40 दिन जनगणना या अन्य कार्य (प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी आदि) ग्रीष्मावकाश के दौरान किए हैं तो उसे लगभग 25 दिन का अवकाश मिलेगा।
मुरादाबाद में लगभग 400 शिक्षक लाभान्वित होंगे। ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से यह प्रोत्साहन है, ताकि शिक्षक बिना किसी परेशानी के कार्य कर सकें। अभी यह आदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए नहीं है लेकिन मांग की जा रही है।
वर्जन...
शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों के साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। माध्यमिक अध्यापकों को ईएल का लाभ देने के निर्देश जारी हो गए, जबकि यह दोनों विभाग के शिक्षकों के लिए जारी होने चाहिए थे। मुरादाबाद में लगभग चार हजार शिक्षक ग्रीष्मावकाश में जनगणना की ड्यूटी लगे हैं। इसके अलावा सार्वजनिक परीक्षाओं में भी ड्यूटी कर रहे हैं। विद्यालय खुलने पर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर ज्ञापन भेजकर अर्जित अवकाश की मांग की जाएगी।
नीरज शर्मा, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ