कोई बन गया शिक्षक तो कोई लेखपाल
यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती होने वाले 33 प्रशिक्षु सिपाही इस्तीफा देकर चले गए। पुलिस विभाग की ओर से इनका सत्यापन कराया गया तो पता चला कि इनमें कोई शिक्षक बन गया है तो कोई लेखपाल। हाईकोर्ट में स्टेनो, दिल्ली पुलिस में दरोगा, आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर, इनकम टैक्स में इंस्पेक्टर समेत अन्य विभागों में इनका चयन हुआ है।
20 अप्रैल को होगी पासिंग आउट परेड
नौ माह की इंडोर और आउट डोर ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इंडोर की फाइनल परीक्षाएं 17 मार्च से 25 अप्रैल के बीच होंगी जबकि आउटडोर की परीक्षाएं 26 मार्च से 10 अप्रैल के बीच होंगी। इससे पहले एक मार्च को सभी की दौड़ परीक्षा होगी। 20 अप्रैल को पासिंग परेड प्रस्तावित है।
बीच में ट्रेनिंग छोड़ने वालों से वसूली करता है विभाग
पुलिस विभाग में सिपाही या दरोगा के पद पर भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण में समय और संसाधनों का बड़ा निवेश होता है। जिस पर विभाग का खर्च भी बहुत आता है। ट्रेनिंग पूरी न करने या बीच में छोड़ने वालों से वसूली भी की जाती है। यह प्रशिक्षु सिपाही भी बीच में चले गए हैं।
संवाद कर प्रशिक्षु सिपाहियों का हौसला बढ़ाते हैं अधिकारी
इंडोर और आउटडोर की नौ माह की कड़ी ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षु तनाव में न आएं, इसके लिए अधिकारी बीच-बीच में उनसे संवाद करते हैं, समस्याएं सुनते हैं। इस दौरान अधिकारी अपने अनुभव भी उनके साथ शेयर करते हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए बहादुर पुलिस कर्मियों की कहानियों से रूबरू भी कराते हैं।