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शिक्षक-लेखपाल पहली पसंद: प्रशिक्षुओं को नहीं भायी UP पुलिस की नौकरी, 33 ने दिया इस्तीफा, 27 घर जाकर लौटे नहीं

Sat, 21 Feb 2026 11:14 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

यूपी पुलिस में जुलाई 2025 से शुरू हुई नौ माह की ट्रेनिंग के दौरान मुरादाबाद के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों से 33 प्रशिक्षु सिपाहियों ने इस्तीफा दे दिया। 27 प्रशिक्षु अवकाश पर घर जाने के बाद वापस नहीं लौटे। जांच में पता चला कि अधिकांश ने अन्य विभाग ज्वाइन कर लिए हैं।
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मुरादाबाद में परेड के दौरान महिला पुलिसकर्मी (सांकेतिक) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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वर्दी पहनने का सपना लेकर दिन रात कड़ी मेहनत कर हर चयन प्रक्रिया को पास करने वाले 33 प्रशिक्षु सिपाहियों ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। जबकि 27 प्रशिक्षु सिपाही ऐसे हैं जो छुट्टी लेकर अपने घर गए थे मगर वापस नहीं लौटे। अब 45 दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद इनकी रिपोर्ट मूल जिलों को भेज दी गई है।

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मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से अधिकांश ने दूसरे विभाग ज्वाइन कर लिए हैं। यूपी पुलिस में प्रशिक्षु सिपाहियों की नौ माह की ट्रेनिंग 21 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी। इनका प्रशिक्षण मुरादाबाद में पुलिस लाइन, पीटीसी, पीटीएस, नौंवी, 23वीं और 24वीं वाहिनी पीएसी की आरटीसी में चल रहा है।

इन ट्रेनिंग संस्थानों में करीब 4700 प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 1500 महिला प्रशिक्षु सिपाही शामिल हैं। मुरादाबाद पुलिस लाइन में 1000 प्रशिक्षु सिपाही ट्रेनिंग के लिए आवंटित किए गए थे लेकिन 992 ने ही आमद कराई थी। बाकी आठ प्रशिक्षण के लिए आए ही नहीं। जबकि विभाग लगातार पत्राचार करता रहा।
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बाद में इन्होंने आने से इन्कार कर दिया और अपना इस्तीफा भेज दिया। इसी तरह मुरादाबाद के दूसरे सेंटरों से 25 और प्रशिक्षु सिपाहियों ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में पुलिस लाइन के 15 प्रशिक्षु सिपाही हैं। ट्रेनिंग शुरू होने के बाद 27 प्रशिक्षु सिपाही छुट्टी लेकर घर चले गए।

कोई एक दिन के अवकाश पर गया तो कोई दो दिन के अवकाश पर लेकिन 45 दिन बीतने के बाद भी यह वापस नहीं आए। इसके बाद ट्रेनिंग सेंटर से इनकी रिपोर्ट मूल जिलों में भेज दी गई है। अब इनकी सेवा समाप्त की जाएगी या फिर दोबारा ट्रेनिंग का मौका दिया जाएगा इसका निर्णय मूल जिलों के अधिकारी ही लेंगे।

दस अन्य केंद्रों के प्रशिक्षु सिपाही गैर हाजिर हैं। नोडल अधिकारी एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि गैर हाजिर चल रहे प्रशिक्षु सिपाहियों के 45 दिन की समय सीमा होने पर इसकी रिपोर्ट मूल जिलों में भेजी गई है।

कोई बन गया शिक्षक तो कोई लेखपाल
 यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती होने वाले 33 प्रशिक्षु सिपाही इस्तीफा देकर चले गए। पुलिस विभाग की ओर से इनका सत्यापन कराया गया तो पता चला कि इनमें कोई शिक्षक बन गया है तो कोई लेखपाल। हाईकोर्ट में स्टेनो, दिल्ली पुलिस में दरोगा, आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर, इनकम टैक्स में इंस्पेक्टर समेत अन्य विभागों में इनका चयन हुआ है।  

20 अप्रैल को होगी पासिंग आउट परेड
नौ माह की इंडोर और आउट डोर ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इंडोर की फाइनल परीक्षाएं 17 मार्च से 25 अप्रैल के बीच होंगी जबकि आउटडोर की परीक्षाएं 26 मार्च से 10 अप्रैल के बीच होंगी। इससे पहले एक मार्च को सभी की दौड़ परीक्षा होगी। 20 अप्रैल को पासिंग परेड प्रस्तावित है। 

बीच में ट्रेनिंग छोड़ने वालों से वसूली करता है विभाग
पुलिस विभाग में सिपाही या दरोगा के पद पर भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण में समय और संसाधनों का बड़ा निवेश होता है। जिस पर विभाग का खर्च भी बहुत आता है। ट्रेनिंग पूरी न करने या बीच में छोड़ने वालों से वसूली भी की जाती है। यह प्रशिक्षु सिपाही भी बीच में चले  गए हैं।
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संवाद कर प्रशिक्षु सिपाहियों का हौसला बढ़ाते हैं अधिकारी
इंडोर और आउटडोर की नौ माह की कड़ी ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षु तनाव में न आएं, इसके लिए अधिकारी बीच-बीच में उनसे संवाद करते हैं, समस्याएं सुनते हैं। इस दौरान अधिकारी अपने अनुभव भी उनके साथ शेयर करते हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए बहादुर पुलिस कर्मियों की कहानियों से रूबरू भी कराते हैं।
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