क्या था मामला
राज्य कर विभाग ने लखनऊ-मुरादाबाद हाईवे पर 24 और 25 अक्तूबर को लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़े थे। यह माल लखनऊ के राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी निवासी अंकित कुमार का था। जिसे मुजफ्फरनगर भेजा जा रहा था।
इस मामले में अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ के साथ 42 अधिकारियों की टीम ने जांच की तो पता चला कि अंकित ने दो मोबाइल नंबरों पर देश के अलग-अलग राज्यों में 122 बोगस फर्माें का सीजीएसटी और राज्य कर विभाग में पंजीयन करा रखा है।
तीन दिनों तक चली जांच में 341 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। इसके बाद राज्य कर विभाग ने सिविल लाइंस थाने में दो केस भी दर्ज कराया।
आरोपियों के आईपी एड्रेस, ईमेल अकाउंट पुलिस को साैंपें
मुरादाबाद की एसआईटी ने जीएसटी के मास्टर माइंड अंकित कुमार और उसके गिरोह से जुड़े मुजफ्फरनगर के सौरभ मिश्रा की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है। राज्य कर अधिकारियों ने आरोपी अंकित कुमार और सौरभ मिश्रा के आईपी एड्रेस, ई मेल अकाउंट सहित अन्य सबूत पुलिस को साैंप दिए हैं।
एसआईटी के प्रमुख एवं एसपी क्राइम सुरेश चंद्र गंगवार ने बताया कि जीएसटी चोरी के मामले में राज्य कर से सबूत इकट्ठा किया जा रहा है। इस मामले में एसआईटी की टीम काम कर रही है। सर्विलांस और साइबर से जुड़े पुलिसकर्मी अपना अपना काम कर रहे हैं।
एसआईटी ने थानों में दर्ज मुकदमों का भी रिकार्ड मंगाया है। इधर राज्य कर अधिकारियों ने पुलिस को आरोपियों अंकित कुमार और सौरभ मिश्रा के आईपी एड्रेस, ई मेल अकाउंट सहित अन्य सबूतों को सौंप दिए हैं। इसी आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करना एक बड़ी चुनौती है। पुलिस ने आईपी एड्रेस के माध्यम से काफी जानकारियां हासिल की है। आरोपी अंकित कुमार ने अपना वास्तविक पता अभिलेखों में दर्ज नहीं कराया है। अभी उसके नाम का भी पुलिस को सत्यापन करना है। पुलिस आरोपियों को पैरोकारों की भी छानबीन कर रही है। राज्य कर की प्राथमिक जांच में सौरभ का पता भी फर्जी पाया गया है।