यूं ही बुनी जातीं हैं बदला देने की साजिशें। कांशीराम नगर के टेलर ने दुश्मनों को फंसाने के लिए खुद को गोली मरवाई थी। उसने अपने तीन साथियों को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी थी। साथ ही ये भी तय किया था कि उसे अस्पताल में भर्ती कराने में देर न हो जाए। वरना मेरी जान भी जा सकती है।
गुरुवार को पुलिस ने टेलर के दो साथियों को गिरफ्तार कर इस घटना का खुलासा कर दिया। टेलर के इस खेल का खुलासा हुआ तो वह दोबारा अस्पताल में भर्ती हो गया। मझोला थानाक्षेत्र के कांशीराम नगर में एक सप्ताह पहले टेलर मो. साबिर गोली लगने से घायल हो गया था।
उसने पड़ोसी अरशद और उसके चाचा अलीसेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। इसी बीच पुलिस ने मो. साबिर को जिला अस्पताल में भर्ती कराने वाले सलमान, हाशिम और यूनुस के बयान दर्ज करने के लिए थाने बुलाया तो वह फरार हो गए।
बार बार कहने के बाद भी तीनों नहीं आए। इसके बाद पुलिस को इन पर शक होने लगा। पुलिस ने सलमान और यूनुस को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब उन्होंने बताया कि मो. साबिर का अपने पड़ोसी गामा, उसके बेटे अरशद और भाई अलीसेन से दिवाली पर पटाखा जलाने को लेकर विवाद हो गया था। तब उसने तीनों को फंसाने की योजना बनाई थी।
उसने घटना वाली रात चक्कर की मिलक निवासी सलमान, यूनुस और हाशिम को कांशीराम नगर बुलाया था। उसने बताया कि मेरे कंधे के पास गोली मारना और तुरंत अस्पताल में भर्ती करा देना। इसके बाद मैं अलीसेन और अरशद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दूंगा। योजना के मुताबिक, इन लोगों ने ऐसा ही किया।
यूनुस तमंचा लेकर आया और सलमान ने गोली मार दी। इसके बाद टेलर को घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। एसओ नीरज कुमार ने बताया कि सलमान और यूनुस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया र्है। जबकि तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। मो. साबिर को भी आरोपी बनाया गया है।