फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: तहसीलों ने दिखाई सुस्ती की लाल झंडी....रुका ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे

विज्ञापन
विज्ञापन
पंद्रह दिन बाद भी जिले की दो तहसीलों से नहीं मिला खतौनियों का रिकॉर्ड
विज्ञापन

गुन्नौर और संभल तहसील के 69 गांवों की भूमि अधिग्रहण का काम फंसा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। संभल और गुन्नौर तहसीलों से 69 गांवों का भूमि रिकार्ड पंद्रह दिन बाद भी उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रारंभिक काम रुक गया है। इससे रफ्तार के इस प्रोजेक्ट में विलंब हो रहा है। जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी युवराज सिंह ने पत्र भेजकर शीघ्र इन तहसीलों की जमीनों की खतौनियों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। इनमें संभल तहसील के 38 और गुन्नौर तहसील के 31 गांव शामिल है।
मुरादाबाद-अलीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे 115 किलोमीटर का है। इस एक्सप्रेसवे में मुरादाबाद जिले की दो तहसीलों बिलारी और सदर की 25 गांवों की जमीनें आ रहीं हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल भूमि अधिग्रहण के लिए जमीनों का रिकार्ड देखा जा रहा है। जिन गांवों की जमीनें ली जानी हैं वहां की खतौनियों को चेक किया जा रहा है। मुरादाबाद के सभी पच्चीस गांवों की जमीन का रिकार्ड चेक कर लिया गया है लेकिन संभल तहसील के 38 और गुन्नौर के 31 गांवों का रिकार्ड अभी तक उपलब्ध नहीं हुआ है। इस मामले में जिला विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कहना है कि पत्र भेजने के बावजूद संभल और गुन्नौर तहसील से जमीनों के रिकाॅर्ड नहीं मिल रहा है। इसी कारण परियोजना के प्रथम चरण में ही काम रुक गया है। खतौनियों का रिकाॅर्ड मिलने पर ही एनएचएआई 3-एए की कार्यवाही पूरी करेगी। इसके बाद एनएचएआई और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से जमीनों का सर्वे करेंगे। इस सर्वे में जमीन के असली स्वामी के साथ पेड़ों और कुओं की गिनती कर रिकाॅर्ड में दर्ज की जाएगी। इसी आधार पर अंडरपास पुलिया और एक्सप्रेसवे की अन्य सुविधाओं का नक्शा तैयार किया जाएगा। मार्ग को ग्रीनफील्ड के रूप में विकसित किया जाएगा। बताया जाता है कि पहले अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र के गांव इमरतपुर को इस परियोजना में शामिल किया गया था लेकिन सर्वे के बाद इस गांव की जमीन को परियोजना से हटा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



अरविंद कुमार परियोजना निदेशक एनएचएआई मुरादाबाद जोनसंभल जिले की जमीनों के रिकॉर्ड का इंतजार है। रिकार्ड मिलने के बाद 3- एए की कार्यवाही पूरी होगी। इसके बाद राजस्व और एनएचएआई का संयुक्त सर्वे शुरू कराया जाएगा।
अरविंद कुमार परियोजना निदेशक एनएचएआई मुरादाबाद जोन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें