मुरादाबाद। शहर कोतवाली में शनिवार को सफाई कर्मी ने जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत खराब हो गई। कर्मचारी ने उल्टियां की तो अन्य पुलिस कर्मियों के हाथ पैर फूल गए। वह उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती करा दिया। सूचना मिलने पर कर्मचारी के परिजन भी आ गए। कर्मचारी ने बताया कि वह ड्यूटी करने गया था। कोतवाली प्रभारी ने ड्यूटी पर रखने से इनकार कर दिया था, जबकि प्रभारी का कहना है कि मेरी सफाई कर्मचारी से कोई बात नहीं हुई है।
नागफनी थानाक्षेत्र के दौलतबाग निवासी महेश (45) कोतवाली में सफाई कर्मी हैं। शनिवार सुबह वह कोतवाली में सफाई करने पहुंचा। इसी दौरान उसने चूहे मार दवा खा ली। जिससे उसकी हालत खराब हो गई। इसके बाद वह उलटियां करने लगा। पूछताछ करने पर उसने जहर खाने की बात कही तो पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस कर्मी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती करा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर महेश की पत्नी राजबाला और अन्य परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। महेश और उसके साथी कर्मचारी समरपाल ने बताया कि थानों की सफाई करने के एवज में उन्हें छह सौ रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। मार्च 2020 से मानदेय नहीं मिला है।
थानों की सफाई करने वाले पांच लोगों ने स्थायी करने के लिए करीब डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट में अपील की थी। महेश के परिवार का दावा है कि हाईकोर्ट ने महेश को कोतवाली में स्थायी करने का आदेश दे दिया था। समरपाल ने बताया कि शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लेकर महेश कोतवाली प्रभारी से मिला था। मगर उन्होंने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा था कि वह पुलिस लाइन से लिखवाकर लाएं। इसी बात को लेकर महेश की उनके साथ कहासुनी हो गई। इसी से गुस्साए महेश ने चूहेमार दवा खा ली थी।
अस्थायी कर्मचारी के जहर खाने की जानकारी मिली है। उसका मामला कोर्ट में चल रहा है। कोतवाली प्रभारी के पास नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं होता है। अगर कोर्ट ने आदेश दिया है तो उसका पालन किया जाएगा। कर्मचारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- अमित आनंद, पुलिस अधीक्षक नगर
सफाई कर्मचारी से मेरी कोई बात नहीं हुई है। मेरे ऊपर झूठे आरोप लगा रहा है। उसने एक सिपाही से जहर खाने की बात की थी। उसे पुलिस कर्मियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। अगर हाईकोर्ट ने कोई आदेश दिया तो इस संबंध में उसे उच्च अफसरों से बात करनी चाहिए।
- अशोक कुमार, प्रभारी कोतवाली