मुरादाबाद। क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान (जेडआरटीआई) चंदौसी में छात्रावास अधीक्षक पद पर कार्यरत और वर्तमान में निलंबित कर्मचारी आशुतोष राज ने संस्थान प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें प्रधानाचार्य से मिलने के बहाने कार्यालय बुलाया गया और वहां उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आशुतोष राज के अनुसार, उन्हें 29 जून 2026 को पॉश एक्ट के झूठे मामले में निलंबित किया गया है। उनका आरोप है कि 24 जुलाई को दोपहर करीब 12:10 बजे कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक सतीश चंद्र ने फोन कर बताया कि प्रधानाचार्य उनसे मिलना चाहती हैं और उन्हें दोपहर एक बजे कार्यालय आने के लिए कहा गया। आशुतोष का कहना है कि वह करीब 1:10 बजे प्रधानाचार्य कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कार्यालय बंद मिला। पूछने पर उन्हें 10 से 15 मिनट प्रतीक्षा करने को कहा गया। करीब 1:40 बजे उन्होंने फिर फोन कर प्रधानाचार्य के आने की जानकारी ली और रिपोर्टिंग काउंटर पर बैठकर इंतजार करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान विक्रांत सेहरावत के साथ छह प्रशिक्षक और तीन-चार सुरक्षा गार्ड वहां पहुंचे और उन्हें घेरकर मारपीट की। आशुतोष का दावा है कि इस हमले में उनके पेट के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका बॉडी कैमरा और उसकी मेमोरी कार्ड भी छीन ली गई, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है। उनका कहना है कि कैमरे में मारपीट से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे। कर्मचारी का आरोप है कि यह सब कुछ प्रधानाचार्य की शह पर किया जा रहा है।
क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान की प्रधानाचार्य डॉ. अंजू सिंह का कहना है कि आशुतोष के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है। 24 जुलाई को मारपीट की घटना की उन्हें जानकारी नहीं है, उनसे किसी ने शिकायत भी नहीं की है। यदि उनके साथ ऐसा हुआ है तो वह शिकायत करें, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।