मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में आरटीई की शुल्क प्रतिपूर्ति मामले में भगतपुर टांडा के चार स्कूलों में 41 लाख रुपये भेजने की जांच रिपोर्ट समिति ने बीएसए को सौंप दी है। अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में पटल सहायक की भूमिका को संदिग्ध माना है। इस संबंध में बीएसए का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी नगर मनोज कुमार बोस, सुरेंद्र सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी छजलैट जगदीश कुमार की संयुक्त जांच समिति बनाई थी। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि रामवती मेमेारियल प्राथमिक विद्यालय भगतपुर टांडा में अभिभावकों ने बताया कि वे बच्चों की नियमित फीस जमा करते हैं। जांच के दौरान एक भी लाभार्थी बालक स्कूल में नहीं मिला।
भगवानदास इंटर कॉलेज मझरादेवी पुरा में लाभार्थी एक भी बालक स्कूल में नहीं था, जबकि शेष बच्चे विद्यालय में थे। एनकेएस पब्लिक जूनियर हाईस्कूल जाहिदपुर सीकमपुर में 120 से ज्यादा बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं है, जबकि यहां पर आरटीई में 235 बच्चों का नामांकन दिखाया है। इन 235 बच्चों में से कोई भी विद्यार्थी जांच के समय नहीं मिला। एनकेएस पब्लिक एजूकेशन एकेडमी जाहिदपुर सीकमपुर में भी जांच के साथ कोई लाभार्थी विद्यार्थी मौके पर नहीं मिला। पदाधिकारियों के अनुसार जिला स्तरीय जांच कमेटी की नकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद विद्यालय के मांग पत्र के अनुसार फीस प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजना, दोनों समितियों की जांच में बच्चों का नहीं मिलना या बहुत कम मिलना, आरटीई के मानक के विपरीत विद्यार्थियों के आवंटन में पटल सहायक की भूमिका संग्दिध प्रतीत हो रही है।