राशन दुकान की जांच के नाम पर शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये की घूस लेने वाले सप्लाई इंस्पेक्टर को एंटीकरप्शन की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया है। डिलारी तिराहे के पास उसे पकड़ा गया। इस कार्रवाई से सप्लाई विभाग में हड़कंप मचा है। सप्लाई विभाग में रिश्वत के ‘खेल’ का बड़ा खुलासा हुआ है।
डिलारी क्षेत्र में सप्लाई इंस्पेक्टर नरेश सिंह को पांच हजार की रिश्वत के साथ पकड़ा गया है। नरेश सिंह ने काजीपुरा गांव निवासी हसमत अली से रिश्वत मांगी थी। दरअसल हसमत अली ने गांव के राशन डीलर की शिकायत एसडीएम से कही थी। एसडीएम ने मामले की जांच आपूर्ति निरीक्षक नरेश सिंह को दी। लेकिन नरेश सिंह जांच करने के लिए गांव में जा ही नहीं रहा था।
जब हसमत अली ने सप्लाई इंस्पेक्टर से बात की तो उसका कहना था कि जांच करने के लिए पांच हजार रुपये लेगा। हसमत ने इस बीच जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल से शिकायत की। डीएम ने तत्काल एंटी करप्शन सीओ प्रज्ञा मिश्रा को जांच के लिए भेजा। सीओ ने शिकायतकर्ता हसमत अली से बात की और रिश्वतखोर इंस्पेक्टर को दबोचने की फील्डिंग सजा ली। शुक्रवार को हसमत अली ने सप्लाई इंस्पेक्टर नरेश सिंह से फोन पर बात की और मिलने की जगह तय कर ली।
सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया कि वह अपनी कार से मुरादाबाद की तरफ जा रहा है। डिलारी तिराहे पर मिलना तय हुआ। यहां हसमत अली ने सप्लाई इंस्पेक्टर नरेश कुमार को पांच हजार की रिश्वत दी। बस जैसे ही उसने नोट पकड़े एंटीकरप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। सप्लाई इंस्पेक्टर के खिलाफ डिलारी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।