कांठ। गन्ना विभान ने जीवित किसान को मृत दर्शाकर उसका गन्ना सट्टा ही बंद कर दिया। अब किसान दो साल से गन्ना सट्टा संचालित कराने के लिए भटक रहा है। लेकिन उसकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।
कांठ तहसील और सहकारी गन्ना विकास समिति के अंतर्गत आने वाले गांव खलीलपुर अमरू निवासी वृद्ध किसान छिद्दा सिंह पुत्र बिहारी सिंह का कहना है कि वह पहले अवध चीनी मिल स्योहरा बिजनौर को अपना गन्ना देते थे। उनका गन्ना सट्टा 10 साल से भी अधिक समय से चल रहा था, लेकिन दो वर्ष पूर्व बिना कुछ बताए उन्हें मृत दर्शाकर उनका गन्ना सट्टा बंद कर दिया गया, जबकि वह वर्तमान में जीवित हैं। दो साल से वह दीवान चीनी मिल अगवानपुर में गन्ना देने के लिए सट्टा शुरू कराने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। इस बार भी उनके गन्ने का सर्वे तो किया गया, लेकिन उसे ऑन रिकार्ड दर्ज नहीं किया गया है। सोमवार को किसान छिद्दा सिंह ने सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ पहुंचकर गन्ना सट्टा संचालित कराने की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। भाकियू ने भी इस मुद्दे को पंचायत में जोरदार ढंग से उठाया।