कांठ। आगामी गन्ना सीजन 2026-27 को लेकर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने गन्ना आपूर्ति नीति एवं गन्ना कैलेंडरिंग सिद्धांत को जारी करते हुए गन्ना किसानों के हित में कई निर्णय लिए गए हैं।
शनिवार को सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ के सचिव खेत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि लघु एवं अति लघु महिला गन्ना कृषकों को रक्षाबंधन के अवसर पर उनकी शत-प्रतिशत पेड़ी की पर्चियां एक से दो पक्ष में एवं पौधे की पर्चियां सात से आठवें पक्ष में अंकित करते हुए अधिकतम एक माह के भीतर आपूर्ति की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना कृषकों (सट्टाधारक-90 क्विंटल तक) को 52:48 से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्चियां प्रथम पक्ष में एवं पौधे की पर्चियां सातवें पक्ष में अंकित कर उनके गन्ने की आपूर्ति 15 दिन में कराई जाएगी। लघु कृषकों की श्रेणी में भी विस्तार करते हुए बेसिक मोड की नौ पर्चियों के स्थान पर 10 पर्चियां अर्थात 90 क्विंटल तक सट्टाधारक वाले किसानों को लघु किसान माना जाएगा। उनकी पेड़ी की पर्चियां एक से तीन पक्ष में तथा पौधा की पर्चियां सात से नौ पक्ष में प्रदान की जाएंगी। गन्ना खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच प्लांटिंग अपनाने वाले कृषकों को गन्ना आपूर्ति में विशेष सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए गन्ना समितियों में मैकेनिकल ट्रेंच प्लांटर खरीदने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसी के साथ गन्ना समिति के 30 सितंबर तक बनाए गए नए सदस्यों को भी समयबद्ध गन्ना आपूर्ति का अवसर दिया गया है। इन नए सदस्यों जिनके पास पेड़ी अथवा शरदकालीन पौधा गन्ना उपलब्ध है, उनकी पर्चियां चौथे पक्ष से और जिनके पास शत-प्रतिशत पौधा गन्ना है उनकी पर्चियां छठे पक्ष से लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके आश्रित सदस्यों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत की प्राथमिकता दी जाएगी।