फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: गन्ने का रकबा कम...बढ़ गई मिलों में चीनी रिकवरी

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। भले ही जिले में गन्ने का रकबा कम हुआ हो लेकिन गन्ने में चीनी की रिकवरी बढ़ी है, जिससे चीनी मिलों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है। इसके पीछे नई किस्मों के बीज का चयन और बेहतर रखरखाव माना जा रहा है।
विज्ञापन

मुरादाबाद जिले में चार चीनी मिलें हैं, वर्ष 2024-25 में इन चीनी मिलों के क्षेत्र में 76756 हेक्टेयर रकबे में गन्ना था लेकिन 2025-26 में 75010 हेक्टेयर में गन्ने की फसल है। जिले में सीओ-0238 किस्म का गन्ना अधिक था, जो लाल सड़न रोग का शिकार हो गया, जिसके कारण 1746 हेक्टेयर गन्ने का रकबा घटा है लेकिन इस सबके के बावजूद गन्ने में चीनी का परता बढ़ गया है।
जिला गन्ना अधिकारी राम कृष्ण ने बताया कि बेलवाड़ा चीनी मिल का चीनी का परता 2024-25 में 9.35 प्रतिशत था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 10.05 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह रानीनांगल चीनी मिल में चीनी रिकवरी प्रतिशत 9.56 से बढ़कर 10.96 प्रतिशत, बिलारी चीनी मिल का 9.17 प्रतिशत से बढ़कर 10.76 और अगवानपुर चीनी मिल की चीनी रिकवरी 9.26 से बढ़कर 9.88 प्रतिशत हो गई है।
विज्ञापन

जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि पिछले कई सालों से सर्वाधिक बोई जाने वाली गन्ना किस्म सीओ-0238 में लाल सड़न रोग आ गया, जिसके कारण किसानों को इस किस्म से किनारा करके अन्य अच्छी और नई किस्मों को बोने के लिए प्रेरित किया गया। गन्ना किसानों ने भी लाल सड़न को देखते हुए गन्ने की किस्मों में बदलाव किया। इस बार सीओ-0118, सीओएस-13235, सीओ-98014, सीओ-एलके-14201 व सीओ-15023 जैसी किस्में अधिक लगाईं थी, कुछ मात्रा में सीओ-0238 किस्म का भी गन्ना था।
रोगों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई, जिससे बेहतर देखभाल भी हुई, परिणाम यह रहा कि गन्ने में चीनी की रिकबरी बढी, जिसका सीधा फायदा चीनी मिलों को तो है ही, किसान भी इससे लाभान्वित होंगे, चीनी मिलें किसानों को सुविधाएं देने के साथ साथ भुगतान भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
विज्ञापन

इधर, गन्ने में चीनी रिकवरी को देखते हुए चीनी मिलों में गन्ने को लेकर प्राइसवार भी छिड़ी हुई है, चीनी मिलें अधिक से अधिक गन्ना खरीदना चाहती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें