किसानों के साथ गन्ना खरीद में होने वाली हेराफेरी रोकने के लिए गन्ना विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। किसानों की पर्ची का बंदरबांट रोकने के लिए एसएमएस सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस साल पेराई सत्र में किसानों को पर्ची की सूचना उनके पंजीकृत मोबाइल पर भेजी जाएगी। कांटे पर गन्ने की तौल भी तभी होगी जब एसएमएस दिखाएंगे। इससे पर्ची सही किसान तक पहुंचेगी।
किसानों को गन्ना एरिया के अनुसार मिलों की ओर से मिलने वाली पर्चियां समितियां उपलब्ध कराती हैं। लेकिन पर्ची वितरण में बड़े झोल होते हैं। बड़े किसान आसानी से पर्ची हासिल कर लेते हैं। जबकि छोटे और मझोले किसानों पर्ची के लिए पूरे सीजन परेशान रहते हैं। कई बार जरूरत के अनुसार पर्ची नहीं मिल पाने से उनका गन्ना खेतों में ही रह जाता है। हर साल पर्ची को लेकर शिकायतों का अंबार लगा रहता है।
इस बीच कई किसान जुगाड़ से पर्ची हासिल इधर उधर से गन्ना खरीदकर मिलों को बेचते हैं। किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गन्ना विभाग गन्ना सूचना प्रणाली (आईवीआरएस) शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम को सभी चीनी मिलों में शुरू किया जाएगा। इसके तहत किसानों को मिलने वाली सप्लाई टिकट (पर्ची) के साथ ही उसकी सूचना किसान की ओर से पंजीकृत कराए गए मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगी। जब किसान गन्ना लेकर आएगा तो मिल की ओर से आए एसएमएस को देखकर या किसान आईडी देखकर ही तौल की जाएगी। गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने इस बाबत अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।