धामपुर निवासी कक्षा दस की छात्रा का कहना है कि मेरा मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है। हर वक्त फोन चलाने का ही मन करता है। कई बार माता-पिता डांटते हैं। मैं काफी परेशान हूं।
सुझाव
- माता-पिता आपके भविष्य के लिए चिंतित हैं, ऐसे में वह अनुशासन के लिए सख्ती अपना सकते हैं
- आपको सफल व्यक्तियों के बारे में सोचना चाहिए और उनके अपनाए तरीकों को अपनाना चाहिए
- आपको जो विषय सबसे आसान लगे, पहले उस विषय से पढ़ाई शुरू करें
- जब भी फोन देखने का मन करें, टॉपिक को बोलकर पढ़ना शुरू कर दें
- मानसरोवर कॉलोनी निवासी कक्षा 12 के छात्र का कहना है कि मेरी लगभग सभी तैयारी हो चुकी है। अब रिवीजन पर लगा हूं। लेकिन अपनी लिखावट को लेकर परेशान हूं। कहीं इसका खामियाजा न भुगतना पड़े।
सुझाव
- एक ही तरह के और अच्छे पेन का इस्तेमाल करें
- उसी पेन से रोज तैयारी के समय भी लिखें
- घड़ी में टाइम सेट करके पेपर हल करें
- इससे कम समय में ज्यादा लिखने की आदत पड़ेगी
- जितना ज्यादा लिखेंगे, उतना सुधार आएगा
- कटघर निवासी कक्षा दस के छात्र का कहना है कि जैसे जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है, मेरी घबराहट बढ़ती ही जा रही है। मुझे डर है कि कहीं पढ़ा हुआ न भूल जाऊं। इस डर से बचने के लिए क्या करना चाहिए।
सुझाव
बिना वजह तनाव लेने के बजाय सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दें
- रोजाना लिखकर अभ्यास करेंगे तो नहीं भूलेंगे
- जब भी तनाव हो, माता-पिता से बात करें
- यह सोचें कि यह परीक्षा अब तक दी हुई परीक्षाओं की तरह ही है
- समस्या होने पर उसके समाधान के लिए शिक्षकों से विमर्श करें