यह सलाह पीसीएस के परिणाम में 60वीं रैंक पाने वाले मुरादाबाद के सिरसवां गौड़ निवासी उपदेश कुमार ने कही। उपदेश बृहस्पतिवार को अमर उजाला कार्यालय मुरादाबाद पहुंचे और उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखकर करें। प्रारंभिक परीक्षा में चार से पांच लाख परीक्षार्थी बैठते हैं। इनमें से चार हजार ही अगले चरण के लिए चुने जाते हैं। जीएस व करंट अफेयर्स के सवालों पर पकड़ मजबूत करें। यही आपको मुख्य परीक्षा तक ले जाएंगे।
ध्यान रहे हर परीक्षा में चार या पांच सवाल ऐसे जरूर होते हैं, जो आपके दायरे से बाहर होंगे। उन्हें पहले करने में समय बिताएंगे तो चयन मुश्किल हो जाएगा। पीसीएस की परीक्षा में सीधे तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए शिक्षक की मदद से तय कर लें कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना। उपदेश ने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
विद्यार्थियों के सवालों के दिए जवाब
सवाल : मुख्य परीक्षा की तैयारी को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। यही चरण होता है जिसमें सफल होने में कई बार प्रयास करना पड़ता है। - हिमांशु
जवाब : टॉपर्स की कॉपी देखें। इससे आपको पता चलेगा कि कैसे सफलता पाई जाती है। उत्तर लेखन में किन बातों का ध्यान रखा जाता है।
सवाल : रीविजन कैसे शुरू करें, किन टॉपिक को पहले पढ़ें और किन्हें बाद में यह समझने में बहुत परेशानी होती है। - प्रिया
जवाब : जो विषय आपको सबसे अच्छा लगता हो पहले उसे पढ़ सकते हैं। इसके बाद समय को विभाजित कर लें और विषयवार पढ़ें।
सवाल : टाइमटेबल कैसे बनाएं। क्या टाइमटेबल जरूरी है या इसके बिना भी तैयारी की जा सकती है। - तनुजा
जवाब : समय तो निर्धारित करना ही होगा। तय करें कि आपको किस समय क्या काम करना है। जब तक नियमितता नहीं आएगी तब तक तैयारी सही से नहीं होगी।
सवाल : पढ़ाई के अलावा समाज का, माता-पिता की उम्मीदों का दबाव रहता है। इसका प्रबंधन कैसे करें। - रितिक सुमन शाक्य
जवाब : स्वयं को आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और सफल होने का रास्ता खोजें। रिश्तेदार क्या कहते हैं इस बात की फिक्र न करें। आपके सफल होते ही सबके विचार बदल जाएंगे।
सवाल : जीएस एक बहुत बड़ा विषय है। इसमें समझ नहीं आता कि कितना पढ़ना है और क्या पढ़ना है।
- अर्जुन विश्नोई
जवाब : जीएस का अध्ययन टॉपिकवार करें। पीसीएस में तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए आपको समझना होगा कि कितना पढ़ना है। टॉपिक की मुख्य बातों के अलावा ज्यादा पढ़ने की जरूरत नहीं है।
सवाल : रोजाना कितने घंटे पढ़ना चाहिए। क्या इसका कोई तय फार्मूला है। - मनु सागर
जवाब : घंटों की पढ़ाई आपकी क्षमता पर निर्भर करती है। यदि आप आठ घंटे पढ़ते हैं तो जरूरी है कि रोजाना आठ घंटे पढ़ें। एक दिन में 14 घंटे पढ़ने से कोई लाभ नहीं है।
जुगराजपुर गांव में खेल मैदान में प्रशिक्षण लेता खिलाड़ी। संवाद