बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के चलते बिगड़े हालात के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने से वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे जिले के छात्र-छात्राएं भी बेचैन हैं। युवाओं का कहना है कि उनकी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी तरह ठप है। भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। वीजा भी एक्सपायर हो गए हैं।
अतिरिक्त कक्षाओं से पढ़ाई पूरी कर लेंगे, लेकिन अब हालात काफी बिगड़ गए हैं। भविष्य में क्या होगा, वापसी कब तक होगी, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। वहां इंटरनेट बंद होने से साथियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना विश्वविद्यालय खुरना के गाजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र हरथला निवासी साहिल ने बताया कि उनके छात्रावास से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर ही उपद्रव हुआ था। इसकी हमें जानकारी हो गई थी। पश्चिम बंगाल के मेरे दोस्तों ने भी मुझे हिदायत दी थी कि मैं छात्रावास में ही रहूं।
हमने भारतीय दूतावास में फोन कर मामले की जानकारी दी थी। तीन-चार दिन लगातार बात होती रही। दूतावास ने कॉलेज को सुरक्षित भारत भेजने के निर्देश दिए। चार बसों के साथ पुलिस की दो गाड़िया थीं। हमें सुरक्षित पश्चिम बंगाल तक भेजा। 25 जुलाई को हम लौटे थे। अभी पढ़ाई पूरी तरह ठप है। वीजा भी नहीं बन पा रहा है।
अगवानपुर निवासी आंचल सैनी ने बताया कि वह एमबीबीएस दूसरे वर्ष की छात्रा हैं। उपद्रव होने के बाद से ही छात्रावास में रह रही थी। इंटरनेट बंद हो गया था। इसके कारण घर पर बात नहीं हो पाती थी। जिस तरह से खबरें आती थीं, तो डर लगता था। बड़ी मुश्किल से वापस घर लौटी हूं।
डिलारी निवासी मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि वह शेख हसीना मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तीसरे वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद के करीब 10 विद्यार्थी एक साथ ही लौटे थे। मोहसिन ने कहा कि मेरा वीजा एक्सपायर हो गया है। मैं बांग्लोदश से अपनी किताबें नहीं ला पाया था।
पता नहीं था कि ऐसे हालत हो जाएंगे। एक दोस्त से बात की थी। उसने बताया कि अभी एक महीना कॉलेज बंद रहेगा। हालांकि, कॉलेज से कोई मैसेज नहीं आया है। ऑनलाइन पढ़ाई भी बंद है। बांग्लादेेश के हालात सामान्य होने के बाद ही वापसी हो सकेेगी।