कक्षा नौ के दो छात्रों ने एआई (आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस) के जरिये अपनी शिक्षिका के फोटो अश्लील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। घटना से शिक्षिका डिप्रेशन में आ गई। आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपी छात्रों ने अन्य शिक्षिकाओं और छात्राओं के फोटो भी वायरल करने की धमकी दी है। पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बृहस्पतिवार को पीड़ित शिक्षिका ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर बताया कि वह सिविल लाइंस के एक नामचीन स्कूल में पढ़ाती है। उसने और अन्य शिक्षिकाओं ने इंस्टाग्राम पर देखा कि उसके फोटो को एआई के जरिये अश्लील बनाकर वायरल किया गया है। यह देखकर उसके होश उड़ गए।
पीड़िता ने जानकारी की तो पता चला कि स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ने वाले दो छात्रों ने एआई के माध्यम उसके फोटो अश्लील बनाकर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर छात्रों के अलग-अलग ग्रुप में वायरल कर दिए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत प्रधानाचार्य से की। जिसके बाद छात्रों को डांटा गया तो उन्होंने अन्य शिक्षिकाओं और छात्राएं की फोटो भी वायरल करने की धमकी दी। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
मेरी पीड़ा समझिये मैं बहुत तनाव में हूं
अश्लील फोटो वायरल होने के बाद पीड़ित शिक्षिका बहुत परेशान है। उसने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मेरी पीड़िता समझिये। मैं बहुत तनाव में हूं। छात्रों मर्यादा की सभी हदें पार कर दी हैं। फोटो वायरल होने से मेरी और परिवार की बहुत बदनामी हो रही है। पीड़ित ने पुलिस ने मांग की है कि सोशल मीडिया से उसके फोटो हटवाए जाएं। उधर, शिकायत मिलने पर साइबर सेल ने शिक्षिका की फोटो को इंस्टाग्राम और अन्य सोशल साइट हटवाने के लिए काम शुरू कर दिया है।
इस तरह एआई के जरिये बना रहे अश्लील फोटो और वीडियो
साइबर मैन मनीष गोयल का कहना है कि एआई एक नई तकनीक है। इसके जरिये फोटो या वीडियो में दो तरीके की क्रिया दिखती हैं। चेहरा किसी का और बॉडी किसी दूसरे की होती है। जिसके जरिये अपराधी लोगों को ब्लैकमेल भी कर रहे हैं। अगर किसी के साथ ऐसी घटना हो जाए तो वह घबराएं नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिये लोगों को बताएं कि उसके फोटो या वीडियो के साथ किसी ने छेड़छाड़ की है। चुप रहने से अच्छा है, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।