पटवाई /शाहबाद (रामपुर)। पटवाई स्थित देश के पहले अमृत सरोवर में परिषदीय स्कूल के एक छात्र की डूबकर मौत हो गई। छात्र की मौत को लेकर परिजनों ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते उनका घेराव किया और पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने दो शिक्षकों समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है। मामले में बीएसए ने एबीएसए को जांच के आदेश दे दिए हैं।
देश के पहले अमृत सरोवर की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में की थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मई माह में किया था। इसके बाद सरोवर को जनता के लिए खोल दिया गया था। हालांकि प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश थे कि कोई भी अमृत सरोवर में नहाता पाया जाता है, तो उस पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगेगा। आरोप है कि बुधवार को क्षेत्र के एक परिषदीय स्कूल के शिक्षक तैराकी प्रतियोगिता के लिए छात्रों को अमृत सरोवर ले गए थे। तैराकी के दौरान छात्र तैरने लगे। तैराकी के बाद सभी छात्र वापस स्कूल चले गए लेकिन कक्षा सात का छात्र जुनैद (12) पुत्र इरशाद अली घर नहीं पहुंचा। छात्र के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग परेशान हुए। परिवार के सभी लोग स्कूल पहुंचे और शिक्षकों से छात्र के घर न पहुंचने की बात की। जिस पर शिक्षकों द्वारा परिजनों को बताया गया कि तैराकी प्रतियोगिता संपन्न हो गई है और वह वहां से आ गया है। शिक्षकों ने बताया कि छात्र आसपास होगा ढूंढ लिया जाए। छात्र के न मिलने पर मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस ने गोताखोर की मदद से छात्र को अमृत सरोवर के पानी में से ढूंढवाया गया। जुनैद पानी में डूबा हुआ मिला जिसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र के मौत की जानकारी मिलने पर शिक्षकों का घेराव कर लिया। अमृत सरोवर में छात्र के मिलने के बाद काफी हंगामा हुआ। छात्र की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस द्वारा पंचनामा भरने के बाद छात्र के शव को पोस्टमार्टम के जिला अस्पताल भिजवाया। उधर, मामले की जानकारी पर अभिभावक और मृतक छात्र के माता-पिता शिक्षकों पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगा रहे थे। पटवाई कोतवाली प्रभारी हरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में दो शिक्षकों समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।