मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आगाज सोमवार को हो गया। पहले दिन दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की हिंदी विषय की परीक्षा हुई। पहले दिन विद्यार्थियों को लिखने में परेशानी हुई। हालांकि, प्रश्नपत्र आसान देखकर उन्हें राहत मिली। विद्यार्थियों ने बताया कि पाठ्यक्रम से ही प्रश्न होने की वजह से हल करने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई।
परीक्षार्थी पहली पाली में सुबह सात बजे से और दूसरी पाली दोपहर एक बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय तक केंद्रों के बाहर लाइनें लग गई थीं। केंद्र के मुख्य गेट पर परीक्षार्थियों की जांच करने के बाद उनको प्रवेश दिया गया। परीक्षा कक्षों में दो-दो कक्ष निरीक्षकों के अलावा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई।
जिले के 108 केंद्रों पर 79,381 विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन 74,877 ने ही परीक्षा दी। 4504 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च तक चलेंगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से 11:45 तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 मिनट तक हुई। हाईस्कूल के विद्यार्थियों की हिंदी और हेल्थ केयर विषय की परीक्षा थी, जबकि इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की सैन्य विज्ञान, हिंदी व सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा हुई।
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तीन शिफ्टों में हो रही निगरानी
डीआईओएस कार्यालय में मॉनीटरिंग सेल बनाई गई है। यहां पर 13-13 कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्षों की निगरानी की जा रही है तो उसके बाद स्ट्रांग रूम पर नजर रखी जा रही है, जिससे प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं के रखरखाव में कोई अनदेखी न हो। जिले में 4500 सीसीटीवी कैमरे निगरानी के लिए लगाए गए हैं। पहले दिन 4500 कक्ष निरीक्षक ड्यूटी में तैनात रहे।
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डीएम ने भी लिया जायजा
परीक्षा की निगरानी के लिए केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट के अलावा सचल दल की छह टीमें तैनात की गई हैं। सोमवार को सभी छह सचल दल ने दोनों पालियों में केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया। इसके अलावा जिलाधिकारी अनुज सिंह और एसएसपी सतपाल अंतिल ने दूसरी पाली में महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज और मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
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नारी शिक्षा व बेरोजगारी की समस्या पर निबंध का सवाल आया
हाईस्कूल के हिंदी के प्रश्नपत्र में रामचंद्र शुक्ल, रामधारी सिंह दिनकर और भगवतशरण उपाध्याय में से किसी एक लेखक का जीवन परिचय, सूरदास, माखनलाल चतुर्वेदी, सुभद्राकुमारी चौहान में से एक का जीवन परिचय और उनकी रचनाओं के विषय में प्रश्न आया। इसके अलावा नारी-शिक्षा, वनों के काटने से हानियां, किसी एक त्योहार का वर्णन, विज्ञान-वरदान या अभिशाप, बेरोजगारी की समस्या में से किसी एक टॉपिक पर निबंध लिखने को कहा गया। इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों से वन रहेंगे, हम रहेंगे, ओलंपिक खेल 2024 और भारत, विद्यालय के पठन-पाठन में इंटरनेट का योगदान, प्राकृतिक आपदाएं और उनका प्रबंधन, कबीर की प्रासंगिकता टॉपिक में से एक पर निबंध लिखने को कहा गया।
कक्षावार विद्यार्थियों की उपस्थिति
पहली पाली
कक्षा पंजीकृत उपस्थित अनुपस्थित
हाईस्कूल (हिंदी) 40027 37082 2945
इंटरमीडिएट (सैन्य विज्ञान) 80 63 17
योग 40107 37145 2962
दूसरी पाली
कक्षा पंजीकृत उपस्थित अनुपस्थित
इंटर (हिंदी) 39274 37732 1542
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विद्यार्थियों बोले, लिखने में हुई परेशानी
सवाल आसान आए थे। लिखने में थोड़ी परेशानी हुई। इसके कारण पत्र वाला प्रश्न हल करने से छूट गया।
जागेंद्र कुमार, 12वीं
लिखते-लिखते थकान होने लगी थी। इसकी वजह से प्रश्नपत्र हल करने में पूरे तीन घंटे का समय लग गया। प्रश्नपत्र आसान था, क्योंकि वही सवाल आए थे जिनको पढ़ा था।
रोहित कुमार, 12वीं
मैंने हिंदी विषय की तैयारी के लिए ज्यादा समय दिया था, क्योंकि इसमें काफी लिखना पड़ता है। मैंने समय से पहले प्रश्नपत्र हल कर लिया। 90 अंक तक आने की उम्मीद है।
सोहेल, 12वीं
लिखने के लिए समय कम पड़ गया। इसलिए करीब 70 अंक के सवाल हल कर पाई हूं। प्रश्नपत्र में वही सवाल थे, जिनका हमने कई बार अभ्यास किया था।
फिजा, 10वीं
पेपर बहुत अच्छा हुआ। मैंने सभी सवाल हल कर दिए। इसकी तैयारी मैं काफी समय से कर रही थी। संस्कृत के प्रश्न हल करने में थोड़ी परेशानी जरूर हुई।
रहमत जहां, 10वीं
जो पढ़ा था, वही प्रश्न आए, इसलिए सभी सवाल हल कर दिए। हालांकि, लिखते समय थकान होने लगी थी। पेपर अच्छा होने से अब आगामी परीक्षाओं के लिए उत्साह बढ़ा है।
रितु, 10वीं
दोनों पालियों में कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पकड़ा गया। सभी 108 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई। निगरानी में लगे सभी कर्मचारी समय से केंद्रों पर पहुंच गए थे। इसके अलावा ऑनलाइन निगरानी भी की गई। - देवेंद्र कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक