अमरोहा जिले के डिडौली के पतेई खालसा गांव में खूंखार कुत्तों के झुंड ने बरामदे में सो रहे दो साल के मासूम पर हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को उठाकर घर से सौ मीटर दूर ले गए और उसे बुरी तरह नोच डाला। बच्चे के मुंह, सिर और शरीर पर 50 से ज्यादा घाव हैं। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे झुंड के चंगुल से छुड़ाया।
गंभीर रूप से घायल बच्चे को उपचार के लिए पहले अमरोहा, फिर पाकबड़ा स्थित टीएमयू ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है।
कल्याणपुर निवासी मनोज की पत्नी कुसुम सैनी अपने दो बच्चों के साथ तीज महोत्सव के लिए मायके पतेई खालसा आई थीं। शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे उन्होंने अपने दो साल के बेटे को घर के बरामदे में सुलाया और कुछ देर के लिए बाहर चली गईं। लगभग दस मिनट बाद लौटने पर बच्चा वहां नहीं मिला।
कुत्ते के झुंड ने मासूम को नोचा
परिजनों ने आसपास तलाश शुरू करते हुए शोर मचाया। इसी दौरान एक ग्रामीण महिला ने बताया कि कुछ आवारा कुत्ते बच्चे को खींचकर ले जा रहे हैं। यह सुनकर मोहल्ले के लोग तत्काल कुत्तों के पीछे दौड़े। कुछ दूरी पर कुत्तों का झुंड मासूम को नोच रहा था। ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर बच्चे को अपने कब्जे में लिया।
मेरठ रेफर किया गया बच्चा
परिजन तत्काल बच्चे को अमरोहा के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे टीएमयू रेफर किया। वहां से भी हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने मेरठ के अस्पताल भेज दिया।
बच्चे के नाना भूकनसरन सैनी ने बताया कि उनकी बेटी दो बच्चों के साथ बृहस्पतिवार को मायके आई थी। परिवार हरियाली तीज के मौके पर खुशियां मनाने की तैयारी में था, लेकिन घटना के बाद घर में मातम छा गया। घटना ने गांव में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर चिंता बढ़ा दी है।