मुरादाबाद। जिले की मुख्य फसल गन्ने की वसंतकालीन बोआई शुरू हो गई है। ऐसे में गन्ने की फर्जी किस्मों के विक्रेता भी सक्रिय हो गए हैं। इसलिए किसानों को इन फर्जी गन्ना माफियाओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसके लिए गन्ना विभाग ने स्वीकृति किस्मों के नाम जारी किए हैं।
जब बोआई का समय होता है, तो कई बड़े किसान गन्ने का बीज बेचने के लिए दुकानें खोल लेते हैं। यहां से बीज खरीदने पर यह गारंटी नहीं रहती कि जो किस्म बताई जा रही है, वास्तव में यह बीज उसी किस्म का है। बाद में शिकायत भी नहीं हो पाती है, क्योंकि किस्म की वास्तविकता तब सामने आती है, जब गन्ना तैयार होता है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने गन्ना किसानों को सावधान किया कि वह ऐसे विक्रेताओं से सावधान रहें।
विभाग की ओर से स्वीकृत गन्ने की किस्मों का बीज विभाग से स्वीकृत नर्सरियों से ही खरीदें। यदि कोई किसान कहीं अन्य स्थान से गन्ना खरीदता भी है और उसे आशंका होती है कि यह उस किस्म का बीज नहीं है, जिसका दावा किया जा रहा है तो वह गन्ना विभाग की मदद ले सकते हैं। विभाग यह पुष्टि करेगा कि यह कौन सी किस्म है।
समस्याओं के निदान के लिए बना नियंत्रण कक्ष
वसंतकालीन बोआई के समय यदि किसानों को कोई दिक्कत आ रही है तो समाधान के लिए विभागीय कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसान 0591-4012324 पर संपर्क करके शंका समाधान कर सकते हैं। यदि किसान की कहीं और सुनवाई न हो तो वह उपायुक्त (गन्ना) के मोबाइल फोन नंबर 7081202203 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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अच्छी पैदावार वाली नई स्वीकृत किस्में
सीओ-0118, कोसे-13235, सीओ एलके 14201, सीओ-15023, सीओ एलके 16202 व कोसे 18231 आदि गन्ना किस्में। इसके अलावा निचले जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए सीओ-98014 किस्म की बोआई कर सकते हैं।
किसानों को स्वीकृत किस्मों की ही बोआई करनी चाहिए, कोई परेशानी हो तो गन्ना विभाग से सीधे संपर्क कर सकते हैं। सीओ-0238 किस्म जो कुछ समय पहले सबसे अच्छी किस्म मानी जाती थी लेकिन अब लाल सड़न रोग के कारण वह खराब हो चुकी है, इसलिए किसान इस किस्म का प्रयोग न करें।
- हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद।