मुरादाबाद। राज्य कर विभाग की टीम ने जिला पुलिस के साथ कुंदरकी में सोमवार को ट्रक बॉडी बनाने वालों के यहां छापा मारकर काफी अनियमितताएं पकड़ीं। जांच से पता चला कि तीन कारोबारियों ने जीएसटी का पंजीयन नहीं कराया है। एक अन्य ने लाखों की जीएसटी चोरी की थी। टीम ने मौके पर 31 लाख का माल जब्त कर लिया। चारों कारोबारियों ने साढ़े आठ लाख रुपये तत्काल जमा किया।
राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 आरएस द्विवेदी के निर्देश पर सोमवार को अपर आयुक्त ग्रेड -2 आरए सेठ ने कुंदरकी में ट्रक बॉडी मेकर्स के यहां छापा मारने के लिए 15 अधिकारियों की चार टीमें गठित कीं।
टीमों ने नदीम निवासी इमरातपुर फखरुददीन की ग्राम डींगरपुर स्थित फर्म, नफीस अहमद की ग्राम डींगरपुर के नियारा पेट्रोल पंप के सामने स्थिति फर्म, शमशाद की असदपुर की पुलिया, नूरी मस्जिद के सामने स्थिति फर्म में छापा मारा।
तीनों ट्रकों की बॉडी का निर्माण और बिक्री करते हैं। जांच से पता चला कि तीनों ने जीएसटी में पंजीयन नहीं कराया है। प्रत्येक व्यापार स्थल पर लगभग 15 मजदूर कार्य कर रहे थे। एक मजदूर की प्रतिदिन की मजदूरी 500 से लेकर 600 रुपये थी। पूछने पर पता चला कि तीनों काफी समय से व्यापार कर रहे हैं। सर्वेक्षण के समय तीनों ने एक-एक लाख का चेक विभाग के नाम से जमा किया। जांच के समय भारी मात्रा में निर्मित एवं अर्द्धनिर्मित माल पाया गया। जांच अधिकारियों का कहना था कि तीनों फर्मों के विरुद्ध जीएसटी की धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जीएसटी में पंजीयन सीमा सर्विस के अंतर्गत 20 लाख और अन्य व्यापारियों के लिए 40 लाख तक का जुर्माना है। इस मामले में अभी कागजातों की जांच की जाएगी। एक अन्य पंजीकृत फर्म टीएमटीबार, आयरन पाइप आदि की खरीद बिक्री का कार्य करती है। इस फर्म के कारोबारी द्वारा कैश के रूप में अत्यधिक कम कर जमा किया जा रहा था। जांच के समय व्यापार स्थल पर कोई लेखा पुस्तकें नहीं पाई। इसी कारण टीम ने उसका 31 लाख कीमत का माल जब्त कर लिया है। जांच के समय व्यापारी ने तत्काल 5.50 लाख रुपये जमा कर दिया। जांच में उपायुक्त विकास बहादुर चौधरी, रणंजय यादव, अखिलेश कुमार, सहायक आयुक्त, बबुलेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। अपर आयुक्त का कहना है कि अभी चारों व्यापारियों के कागजातों की जांच की जाएगी।